• राज्य महिला आयोग का जागरूकता  शिविर
  • महिलाओं से यौन उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा के प्रति जागरूक रहने को कहा
  • महिला घरेलू हिसां एवं उत्पीड़न में पीड़ित महिला को निःशुल्क परामर्श एवं वकील उपलब्ध
  • पुलिस विभाग के 1090 टौल फ्री न0 पर कोई भी पीड़ित महिला करे अपनी शिकायत दर्ज

अल्मोड़ा । ग्रामीण क्षेत्रों तक महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उददेश्य से राज्य महिला आयोग द्वारा ग्रामीण स्तर तक जागरूकता शिविर आयोजित किये जाते हैं यह बात अध्यक्ष राज्य महिला आयोग सरोजनी कैन्त्यूरा ने आज खूॅट में आयोजित जागरूकता शिविर के दौरान कही। उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं के मौलिक अधिकारो की सुरक्षा व संरक्षण के लिए अनेकां कार्य किये गये हैं।  उन्होंने कहा प्रदेश की महिलाओं को संविधान के द्वारा दिये गये अधिकारो के संरक्षण में सहायता प्रदान करना इसके साथ-साथ किसी भी स्थान पर महिलाओं को मानसिक, शारीरिक व सामाजिक शोषण तथा भेदभाव को रोकना है जिससे वे घर व बाहर निर्भय होकर सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सके। 

महिलाओं को सम्बोधित करते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि जागरूकता शिविर के माध्यम से सामाजिक चेतना के लिए वातावरण तैयार कर कन्या भ्रूण हत्या, पालन पोषण में बालिकाओं की उपेक्षा, दहेज हत्या, छेड़छाड़, बलात्कार एवं बाल विवाह आदि पर रोक लगाने के लिए महिलाओं को जागरूकता किया जाता है। ‘उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में महिलाओं को उनके अधिकारो के संरक्षण में सहायता प्रदान करना इन जागरूकता शिविरो का मुख्य उददेश्य है।

जागरूकता  शिविर में निर्भया सैल प्रकोष्ठ की वरिष्ठ अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने कहा कि महिला घरेलू हिसां एवं उत्पीड़न में पीड़ित महिला को निःशुल्क परामर्श एवं वकील उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि महिलायें विकासखण्ड स्तर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी/संरक्षण अधिकारी से अपनी शिकायत कर सकते है। उन्होंने सभी महिलाओं से यौन उत्पीड़न एवं घरेलू हिंसा के प्रति जागरूक रहने को कहा।

आयोग के विधि अधिकारी डी.आर. सिंह ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के बारे में विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। जागरूता शिविर में महिला थानाध्यक्ष बसन्ती आर्या ने भी महिलाओं को उनके अधिकारो के संरक्षण के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के 1090 टौल फ्री न0 पर कोई भी पीड़ित महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। उन्होंने कहा कि इसके बाद दोनो पक्षो को सुनकर पहले उन्हें आपसी सहमति के लिए तैयार किया जाता है इसके बाद वे शिकायत आने पर आवश्यक कार्यवाही की जाती है।

जागरूकता शिविर में पेंशन सहित अनेक शिकायतें अध्यक्ष के समक्ष आयी जिस पर उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जल्दी ही खूॅट क्षेत्र में समाज कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग का एक शिविर आयोजित किया जायेगा।

इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी पी.एस. बृजवाल, बी.आर.सी. विद्या कर्नाटक, परामर्शदाता निर्भया सैल अनीता मेहता ने भी उपस्थित महिलाओं को उनके अधिकारो एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारिया दी। जागरूकता शिविर में खण्ड शिक्षाधिकारी बी.एस.जगंपागीं, प्रधान खूॅट ललित पंत, बाल विकास परियोजना अधिकारी आशा भैसोड़ा विनीता वर्मा, हंसी रौतेला, कैलाश चन्द्र तिवारी, भूपाल गिरी गोस्वामी, शशिकला टम्टा सहित अनेक महिलायें उपस्थित थी।