मुख्यमंत्री सीमा क्षेत्र विकास योजना का 10 से 50 किमी पर अवस्थित गांवों को मिलेगा लाभ

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सीमान्त क्षेत्रों से पलायन रोकना एवं रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए इसमें ऐसी योजनाओं को शामिल किया जाए : मुख्य सचिव 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून :  मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री सीमान्त क्षेत्र विकास योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के 05 जनपदों के 09 सीमान्त विकासखण्डों में रह रहे परिवारों को मूलभूत सुविधाओं के साथ ही आजीविका एवं स्वरोजगार के बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत 10 से 50 किमी पर अवस्थित गांवों को आच्छादित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सीमान्त क्षेत्रों से पलायन रोकना एवं रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए इसमें ऐसी योजनाओं को शामिल किया जाए, जिनसे इन क्षेत्रों में रह रहे लोगों को अधिकतम रोजगार उपलब्ध हो सके।
मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश की अध्यक्षता में गुरूवार को मुख्यमंत्री सीमा क्षेत्र विकास योजना के सम्बन्ध में उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक के दौरान सम्पर्क मार्ग, पुल निर्माण, लघु उद्यमों एवं ग्रोथ सेंटर्स हेतु मशीनों की स्थापना, क्लस्टर के आधार पर कृषि आदान प्रदान यंत्र वितरण, स्मार्ट क्लासेज, कोल्ड स्टोरेज एवं पॉलीहाउस निर्माण जैसी विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। 
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के माध्यम से आजीविका पर अधिक फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण, ग्रोथ सेंटर्स, फार्म मशीनरी बैंक, स्वयं सहायता समूहों आदि के विकास पर भी फोकस किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, सचिव श्री आर.के. सुधांशु एवं श्रीमती सौजन्या भी उपस्थित थीं।