दून में स्थापित किये गये दो और प्लास्टिक बैंक

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आईआईपी और एसडीसी की ओर से इससे पहले सात प्लास्टिक बैंकों की हुई स्थापना 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

देहरादून :  डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी (एसडीसी) फाउंडेशन द्वारा सीएससीआर-आईआईपी के सहयोग से देहरादून में दो और प्लास्टिक बैंक स्थापित कर दिये गये हैं। शहर में अब प्लास्टिक बैंकों की संख्या नौ हो गई है। दो नये प्लास्टिक बैंक सीएनआई गर्ल्स इंटर कॉलेज और डूंगा गांव स्थित इंडिकैंपस में खोले गये हैं।

राजपुर रोड स्थित सीएनएन गर्ल्स इंटर कॉलेज में कॉलेज की प्रधानाचार्या विनीता मार्टिन , शिक्षकों और छात्राओं की उपस्थिति में प्लास्टिक बैंक खोला गया। इस स्कूल में 500 छात्राएं अध्ययन करती हैं। इसके अलावा डूंगा गांव स्थित इंडीकैंपस में भी प्लास्टिक बैंक की स्थापना की गई। प्लास्टिक बैंक की स्थापना के मौके पर इंडीकैंपस के संस्थापक सोभित मलेठा और एसडीसी फाउंडेशन के कार्यकर्ता उपस्थित थे। इन दोनों प्लास्टिक बैंक में एकत्रित होने वाले प्लास्टिक को आईआईपी स्थित प्लांट में भेजा जाएगा।

एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने कहा कि युवाओं को शुरू से ही प्लास्टिक कचरे की चुनौतियों से अवगत कराना आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्लास्टिक बैंकों की स्थापना से सामुदायिक जागरूकता और प्लास्टिक कचरे के मुद्दे पर जन भागीदारी बढ़ेगी। नौटियाल का कहना था कि प्लास्टिक बैंकों के अलावा एसडीसी फाउंडेशन का यह भी प्रयास है कि प्लस्टिक को कम करने, बार बार इस्तेमाल करने और रीसाइक्लिंग की अवधारणाओं को बढ़ावा दिया जाए। भविष्य में एसडीसी उप साइकिलिंग क्लब की स्थापना के माध्यम से भी युवाओं के बीच कार्य करने की शुरुआत करेगा।

सीएनएन इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल और इंडकैंपस के संस्थापक ने अपने यहां प्लास्टिक बैंक खोले जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उनका कहना था कि इससे प्लास्टि कचरे से निपटने में मदद मिलेगी। दोनों संस्थानों से अपने यहां निकलने वाल प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाए प्लास्टिक बैंक में जमा करने का संकल्प लिया।