किसानों को धान के मूल्य का समय पर हो भुगतान : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र

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मुख्यमंत्री ने की खरीफ खरीद सत्र 2020-21 की समीक्षा

 242 क्रय केंद्रों के माध्यम से ख़रीदा जाएगा 10 लाख मैट्रिक टन धान

”ए” ग्रेड धान का मूल्य रूपये 1888 प्रति कुंतल

औसत धान का रूपये 1868 प्रति कुंतल निर्धारित

सहकारिता विभाग द्वारा की जायेगी अग्रिम भुगतान की व्यवस्था

किसानों का किया जायेगा डाटा बेस तैयार

धान क्रय केन्द्रों पर रखा जाए किसानों की सुविधाओं का ध्यान : सीएम 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून : मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा गुरूवार को सचिवालय में खरीफ खरीद सत्र 2020-21 हेतु धान क्रय सम्बन्धी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष 242 धान क्रय केन्द्रों के माध्यम से 10 लाख मैट्रिक टन धान क्रय के लक्ष्य पर सहमति व्यक्त करते हुए इस सम्बन्ध में समय से सभी आवश्यक व्यवस्थाये सुनिश्चित करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष इस वर्ष ए ग्रेड धान का मूल्य रूपये 1888 प्रति कुंतल तथा औसत धान का रूपये 1868 प्रति कुंतल निर्धारित किये जाने पर भी सहमति जतायी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि धान क्रय के सम्बन्ध में पिछले वर्ष की व्यवस्थाओं में यदि कोई कमी रह गई हो तो उसका संज्ञान लेकर उससे बेहतर व्यवस्थायें सुनिश्चित की जायं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि क्रय केन्द्रों पर किसानों को कोई परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जाय। उन्होंने धान मूल्य का किसानों को अविलम्ब भुगतान की व्यवस्था बनाने को कहा। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में सहकारिता विभाग को आवश्यक धनराशि व्यवस्था करने के साथ ही प्रबन्ध निदेशक मण्डी को भी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। किसानो को बेहतर सुविधाये उपलब्ध हो इसके लिए किसानों का डाटा तैयार करने पर भी ध्यान देने के निर्देश भी उन्होंने दिये। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि धान की खरीद ई खरीद साफ्टवेयर के माध्यम से किये जाने की व्यवस्था की जाय तथा किसानों की सुविधा के लिये उन्हें घर पर ही आनलाइन पंजीकरण कराने तथा टोकन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाय।
सचिव खाद्य श्री सुशील कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि धान क्रय केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाये की जा रही है। धान के लिए बौरो की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि धान क्रय के लिए खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग,एनसीसीएफ एवं नैफैड एजेंसियां निर्धारित की गई है।  कच्चा आढ़तियों के माध्यम से भी धान क्रय की व्यवस्था है जबकि खाद्य नागरिक आपूर्ति विपणन एवं आपूर्ति के साथ ही उत्तराखण्ड राज्य भण्डारण निगम तथा केन्द्रीय भण्डारण निगम के स्तर पर भण्डारण की व्यवस्था है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष लगभग 2,50,000 हैक्टयर के माध्यम से धान की बुआई हुई थी, जिसके सापेक्ष 10 लाख मी0टन0 धान क्रय का लक्ष्य प्रस्तावित कि गया है। उन्होंने कहा कि कोविड के दृष्टिगत इस वर्ष किसानों की सुविधा के लिए क्रय केन्द्रों में वृद्धि की गई है।
बैठक में सचिव वित्त श्रीमती सौजन्या, सचिव कृषि श्री हरबंश सिंह चुघ सहित खाद्य सहकारिता, मण्डी परिषद के अधिकारीगण तथा राइस मिलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।