सरकार से हाई कोर्ट ने तलब किया संस्थानों को जारी रकम और छात्रों का ब्यौरा

छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में एसआइटी की जांच की बाद हुई कार्रवाई

देहरादून जिले के पटेलनगर, विकासनगर और सहसपुर थानों में हुए मामले दर्ज

गीताराम नौटियाल को नहीं मिली हाई कोर्ट से राहत 

600 करोड़ से ज्यादा के छात्रवृति घोटाले में आरोपित हैं नौटियाल

नैनीताल: समाज कल्याण विभाग के करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाला मामले में जेल में बंद संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी है। कोर्ट ने सरकार को नौटियाल के कार्यकाल के दौरान तीन संस्थानों को जारी की गई 16 करोड़ की धनराशि का ब्यौरा देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि छात्रों की संख्या और उनका बैंक अकाउंट समेत सभी डाटा कोर्ट में प्रस्तुत करें।

घोटाले की जांच कर रही एसआइटी का आरोप है कि बतौर जिला समाज कल्याण अधिकारी गीताराम नौटियाल ने छात्रों के खातों में भेजी जाने वाली रकम संस्थानों के अकाउंट में भेज दी। इसमें दो संस्थान हरिद्वार व एक मेरठ का है। राज्य में हुए 600 करोड़ से ज्यादा के घोटाले में एसआइटी ने नौटियाल को आरोपित बनाते हुए मुकदमा दर्ज किया है। हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगने के बाद एसआइटी ने नौटियाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद नौटियाल ने हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश खुल्बे की एकलपीठ ने सरकार से नौटियाल से संस्थानों को जारी रकम का ब्यौरा देने के निर्देश देते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून: छात्रवृत्ति घोटाले में हरिद्वार के बाद देहरादून के कॉलेजों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। एसआइटी ने अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति के करीब नौ करोड़ रुपये के बंदरबांट में देहरादून के तीन कॉलेजों पर मुकदमा दर्ज कराया है। एसआइटी हरिद्वार में अब तक 28 और देहरादून में चार मुकदमे दर्ज करा चुकी है।

नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर एसपी मंजूनाथ टीसी की अगुवाई में गठित एसआइटी छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही है। एसआइटी उत्तराखंड के उन तमाम कॉलेजों की पूरी कुंडली खंगाल रही है, जहां वर्ष 2011-12 से 2016-17 के बीच छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता बरती गई है।

जैसे-जैसे साक्ष्य मिलते जा रहे हैं, उसी के साथ मुकदमों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को सनराइज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंसेज मेहूंवाला के खिलाफ पटेलनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। इस संस्थान पर छात्रवृत्ति के 2.15 करोड़ रुपये गबन का आरोप है।

पहला मुकदमा पटेलनगर कोतवाली में मेहूंवाला स्थित सनराइज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंस ऋ षि विहार के संचालक के खिलाफ एसआईटी में उप निरीक्षक सुखपाल सिंह ने दर्ज कराया है। बताया गया कि 2012-13 से वर्ष 2014-15 तक जिला समाज कल्याण अधिकारी की तरफ से 2,15,72,800 रुपये जारी किए गए।

वहीं एसबी कॉलेज ऑफ एजूकेशन बाईपास रोड पर विकासनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस संस्थान पर 2.68 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति के गबन का आरोप है। छात्रवृत्ति घोटाले का दूसरा मुकदमा उप निरीक्षक मनोज नेगी ने एसबी कालेज आफ  एजूकेशन बाईपास रोड विकासनगर के मालिक और संचालकों के खिलाफ दर्ज कराया है।

हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च रांझावाला पर करीब चार करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। इसके खिलाफ सहसपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। घोटाले का तीसरा मुकदमा हिमालयन इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च राजावाला प्रेमनगर के खिलाफ दर्ज हुआ है। 

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