•  मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक की संकल्पना को दर्शाता बजट 

  •  बजट में 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की रूपरेखा 

  •  मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दी केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को बधाई  

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

पूंजीपतियों के दबाव में 44 कानूनों को 4 कानूनों में चाहते हैं बदलना  : हरीश रावत 

पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने ट्वीट कर बजट पर अपनी प्रतिक्र‍िया दी है। उन्‍होंने कहा कि निर्मला सीतारमण जी का बजट भाषण सुना। निर्मला सीतारमण ने कहा है कि 44 के करीब श्रम कानूनों के स्‍थान पर केवल चार कानून अस्तित्‍व में रहेंगे। देश के पूंजीपति पिछले 15 वर्षों से इस कार्य के लिए दबाव पैदा कर रहे थे। हम जैसे लोग जिन्‍होंने श्रम सुरक्षा के लिए और श्रमिक सुरक्षा के लिए अपना जीवन अर्पित कर दिया, ये कानून श्रमिकों के लंबे संघर्ष के प्रतीत हैं और नरेंद्र मोदी जी अंबानी, अदानी जैसे पूजीपतियों के संकेत पर 44 कानूनों को 4 कानूनों में बदलना चाहते हैं। ये पहला तोहफा है जो मोदी सरकार ने मजदूरों को, श्रमिकों दिया है। क्‍या यह तोहफा मेरे श्रमिक भाइयों आप स्‍वीकार करेंगे।

देहरादून : मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संतुलित, समावेशी और विकासपरक बजट पेश करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट, मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक की संकल्पना को दर्शाता है। लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की रूपरेखा रखी गई है। आम जन के कल्याण की योजनाओं के साथ-साथ देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और उद्योगों के विकास पर जोर दिया गया है। पांच साल में बुनियादी सुविधाओं पर 100 लाख करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में गांव, गरीब और किसान के कल्याण पर खास ध्यान दिया गया है। हर घर शौचालय व हर व्यक्ति को घर के बाद अब हर घर नल का लक्ष्य रखा गया है। 45 लाख रुपए तक के घर पर ब्याज में 3.5 लाख रुपए की छूट का प्रावधान कर मध्यम वर्ग को राहत दी गई है। 
‘‘यह टीम इंडिया का बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’’ के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है। किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं, कारीगरों व छोटे उद्यमियों सभी का ध्यान रखने वाला बजट है। इसमें ‘मजबूत देश के लिए मजबूत नागरिक’ पर विशेष बल दिया गया है। वर्तमान में क्रय शक्ति समानता के आधार पर दुनिया की  तीन ट्रिलियन डॉलर की तीसरी सबसे बड़ी भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे ले जाना वाला बजट है। इसमें रोजगार सृजन के लिए निवेश को प्रोत्साहित किया गया है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 17 आईकानिक टूरिस्ट डेस्टीनेशन विकसित किए जाएंगे। इससे निश्चित रूप पर्यटन को मजबूती मिलेगी। आम आदमी के साथ ही उद्योगों को बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दे रहे हैं। नए औद्योगिक कोरिडोर बनाने का लक्ष्य रखा है, उड़ान से छोटे शहरों को हवाई सफर से जोड़ा है। वन नेशन वन ग्रिड व इलेक्ट्रीक वाहनों पर टैक्स छूट स्वागत योग्य है। 
छोटे उद्यमियों का विशेष ध्यान रखा गया है। पीएम कर्मयोगी मानधन योजना से छोटे दुकानदारों को पेंशन का फायदा दिया जाएगा। एमएसएमई से ज्यादा रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। एमएसएमई के लिए अलग पोर्टल बनाया गया है, छोटे मंझोले उद्योगों के लिए 59 मिनट में लोन पास की व्यवस्था की जा रही है। उच्च शिक्षण संस्थाओं की गुणवत्ता सुधारने पर पर भी फोकस किया गया है। राष्ट्रीय रिसर्च फाउंडेशन बनाने से क्वालिटी रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर योजना के केंद्र बिंदु में गांव, गरीब और किसान हैं। 2022 तक पीएम आवास योजना के तहत 1.95 करोड़ जरूरतमंदों को घर देने का लक्ष्य है, पिछले पांच साल में 1.5 करोड़ घर बनाए गए। हर गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था की जाएगी। पीएमजीएसवाई के तहत 1.25 लाख किलोमाटर सड़कों का निर्माण और अपग्रेडेशन का लक्ष्य रखा गया है। बांस, शहद और खादी पर आधारित 100 नए क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। जीरो बजट फार्मिंग व अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने की पहल खास तौर पर उल्लेखनीय है। 10 हजार नए फार्मर-प्रोड्यूसर संगठन बनाए जाएंगे। एग्रो रूरल इंडस्ट्री सेक्टर में 75 हजार स्किल्ड एंटरप्रन्योर्स तैयार किए जाएंगे। नारी तू नारायणी के भाव को चरितार्थ करते हुए मुद्रा योजना से प्रत्येक महिला को 1 लाख तक का लोन का प्रावधान किया गया है। महिला एसएचजी  को जनधन अकाउंट से पांच हजार रुपए तक ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी गई है। 

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