चकाचौंध में माणा गांव के ऊनी वस्त्रों की डिमांड हुई  कम

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

चमोली । माणा गांव के हस्तशिल्प ऊनी वस्त्र नए डिजाइन में नजर आएंगे। माणा गांव की भोटिया जनजाति की महिलाओं को एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट की ओर से नए डिजाइन वाले ऊनी कपड़ों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये कपड़े बाजार में चल रही डिजाइन कपड़ों की भरपाई करेंगे। आज की चकाचौंध में माणा गांव के ऊनी वस्त्रों की डिमांड कम हुई है।

एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट की ओर से हैंडीक्राफ्ट मिशन के तहत माणा गांव के ऊनी कपड़ों को डिजाइन कर बाजार में उतारा जाएगा। निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि आज बाजार में डिजाइन वाले कपड़ों की भरमार से माणा गांव के ऊनी वस्त्रों की घ्डिमांड नहीं बढ़ पा रही है।

माणा गांव के ऊनी दोखा, मफलर, टोपी, स्वेटर, पंखी, कंबल, कोट, कुर्ता जैसे कपड़ों का निर्माण आज भी पुराने डिजाइन से ही होता आ रहा है। माणा गांव के परिधानों को नया लुक देने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे यहां के कपड़ों की बाजार में डिमांड बढ़ सके। साथ ही यहां के ऊनी डिजाइन वस्त्रों की देश के दूसरे हिस्सों में भी बिक्री हो सके।

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