पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की प्रदेश कांग्रेस द्वारा की जा रही उपेक्षा को लेकर बढ़ा नेताओं में टकराव 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

हम दीवार पर सिर मारने को तैयार नहीं : डॉ. इंदिरा हृदयेश 

इंदिरा हृदयेश ने कहा कि उनकी और प्रदेश अध्यक्ष की प्राथमिकता जनता की इच्छा के अनुरूप राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाने की है। हम अपना काम करते रहेंगे। पार्टी कोई विवाद नहीं चाहती। इतनी उम्र के बाद हम दीवार पर सिर मारने को तैयार नहीं हैं। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि हरीश रावत कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, सीडब्ल्यूसी सदस्य और असोम प्रभारी हैं। उनकी उपेक्षा का सवाल ही नहीं उठता। विधायक धामी के उन्हें पार्टी से निकालने की चुनौती पर उन्होंने कहा कि धामी जनाधार वाले नेता हैं। पार्टी से उन्हें निकालने का सवाल नहीं उठता। विधायकों में असंतोष को उन्होंने पार्टी का आंतरिक लोकतंत्र करार दिया।

देहरादून : पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत की प्रदेश कांग्रेस द्वारा की जा रही उपेक्षा को लेकर उनके समर्थक विधायकों करन माहरा और हरीश धामी ने नेता कांग्रेस विधानमंडल दल इंदिरा हृदयेश और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह पर सीधा तंज कस्ते हुए कहा कि 2022 में हरीश रावत के बगैर कांग्रेस की प्रदेश में वापसी बिलकुल भी मुमकिन नहीं है। वहीं दोनों विधायकों के तंज का जवाब देते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश और प्रीतम सिंह ने कहा कि हरीश रावत खुद हाईकमान हैं। हम किसी को किनारे लगाने या बीच में रखने की स्थिति में तो हैं ही नहीं। हालाँकि प्रीतम सिंह ने साथ ही यह भी कहा कि वर्ष 2017 में कांग्रेस भले ही 11 सीटों पर सिमट गई हो, लेकिन 2022 में कांग्रेस पार्टी 42 सीटें जीतेगी और सरकार भी बनाएगी।

मंगलवार को विधानसभा पहुंचने पर सुबह दोनों विधायकों ने 28 दिसंबर को दून में आयोजित पार्टी की संविधान बचाओ, भारत बचाओ रैली में हरीश रावत की उपेक्षा के लिए इंदिरा हृदयेश और प्रीतम सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए मीडिया से खुलकर बातचीत की। विधायक करन माहरा ने कहा कि हरीश रावत की उपेक्षा उत्तराखंड कॉंग्रेस के लिए आत्मघाती कदम है। उनके नेतृत्व के बिना प्रदेश में पार्टी की वापसी संभव ही नहीं। उन्होंने प्रदेश के आला नेताओं को सुझाव देते हुए कहा कि संगठन के नेताओं और नेता विधानमंडल दल को पार्टी के अंदरूनी झगड़ों को बाहर नहीं लाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदिरा हृदयेश ने हरीश धामी और उन्हें लेकर गलत बयानी की। सात जनवरी को विधायकों के साथ बैठक का इंतजार नहीं किया। विधायक हरीश धामी ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस में एक ही सर्वमान्य नेता हरीश रावत हैं। वर्ष 2022 के चुनाव उनके ही नाम पर लड़े जाएंगे।

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