23 से प्रस्तावित है विधानसभा का मानसून सत्र और विधानसभा अध्यक्ष कोरोना पाॅजिटिव

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विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश को किया गुरूग्राम स्थिति मेदांता अस्पताल रेफर

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून : उत्तराखंड विधान सभा सत्र पर कोरोना का साया मंडराता दिखाई दे रहा है। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा 23 सितम्बर से विधानसभा का मानसून सत्र बुलाये जाने के बीच वे खुद ही कोरोना की चपेट में आ गए हैं। इसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से दी है। ऐसे अब यह सवाल भी खड़े होने लग गए हैं कि क्या 23 सितम्बर से विधानसभा का सत्र शुरू भी हो पायेगा या नहीं !
वहीं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के कोरोना पाॅजिटिव आने के बाद उन्हें बेहत्तर स्वास्थ्य सुविधा के लिए गुरूग्राम स्थिति मेदांता अस्पताल रेफर किया गया है। राज्य सरकार ने इंदिरा हृदयेश के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें एयरलिफ्ट कर गुरूग्राम भेजा है। गौरतलब हो कि इंदिरा हृदयेश की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद उन्होंने हल्द्वानी से एयरलिफ्ट करके देहरादून के मैक्स अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया गया था।
उन्होंने बताया कि शहरी विकास मंत्री ने मैक्स प्रशासन से बात की और सीएम ने हल्द्वानी हेलीकॉप्टर भेजा था। लेकिन मैक्स में पहुंचने पर कहा गया कि उन्हें आईसीयू में भर्ती किया जा सकता है। इंदिरा के मुताबिक,आईसीयू की उन्हें जरूरत ही नहीं थी। साढ़े चार घंटे के इंतजार के बाद भी उन्हें कमरा नहीं मिला। ऐसे में उन्होंने तय किया कि वे दिल्ली में इलाज कराएंगी।
वहीं विधानसभा सत्र के शुरू होने के समय सभी मंत्रियों और विधायकों सहित विधासभा कार्मिकों का कोरोना टेस्ट भी अनिवार्य किया गया है।  ऐसे में अब कितने और लोग कोरोना संक्रमित पाए जाते हैं यह तो विधानसभा सत्र के शुरू होने के दिन ही पता चलेगा। 

अपने ट्विटर हैंडल पर उन्होंने लिखा है कि उन्होंने लिखा है कि शासकीय आवास पर उन्होंने कोविड-19 ऐंटिजन का टेस्ट करवाया है जिसमें वह पाॅजिटिव पाये गए हैं ,वहीं उन्होंने लोगों को सतर्क करते हुए लिखा है कि जो भी उनके संपर्क में आये हें वह स्वयं आइसोलेट हो जाए। उन्होंने सावधानी बरतने और सुरक्षित रहने की सलाह लोगों को दी है। साथ ही उन्होंने खूद के पूर्णता स्वस्थ होने की बात भी कही है।