पूर्व सीएम हरीश रावत के गैरसैंण दौरे के मायने

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रावत समर्थक हरीश रावत की मुहिम को सरकार देहरादून छोड़ों दे रहे हैं नाम

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

हरीश रावत मीडिया मीनिया के शिकार : बंशीधर भगत

देहरादून। रावत की गैरसैंण यात्रा को भाजपा ने मीडिया में छपने की अकुलाहट मात्र करार दिया। प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने रविवार को प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में कहा कि रावत को किसी ने किसी बहाने खुद को मीडिया में दिखाने की आदत है।
उन्हें मीडिया मीनिया हो चुका है। इसके लिए वो अक्सर कुछ न कुछ करते ही रहते हैं। भले ही उसका औचित्य हो या न हो। रावत की गैरसैंण यात्रा भी केवल मीडिया कवरेज पाने की लालसा से कीक जा रही यात्रा है। इससे ज्यादा कुछ नहीं। गैरसैंण में जो विकास कार्य होने हैं, वो वहां लगातार हो रहे हैं।
देहरादून : गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी का मुद़दा एक बार फिर गरमाने जा रहा है। नौ अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सीएम हरीश रावत गैरसैंण जा रहे हैं। रावत का कहना है कि सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा 15 सितंबर तक ग्रीष्मकाल रहता है। इसलिए समय आ गया है कि गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन राजधानी के दर्शन कर ही लिए जाएं। 
राजधानी के नाम पर सरकार को घेरने के लिए रावत ने दिन भी बेहद खास चुना है। नौ अगस्त 1942 को देश में अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़़ो आंदोलन की शुरूआत हुई थी। रावत समर्थक रावत की मुहिम को सरकार देहरादून छोड़ों नाम दे रहे हैं। मालूम हो कि सरकार इस साल चार मार्च को गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा की।

सीएम त्रिवेंद्र  रावत ने विधानसभा में बजट भाषण प्रस्तुत करने के बाद इसका ऐतिहासिक ऐलान किया था। भाजपा ने वर्ष 2017 के अपने चुनावी विजन डाक्यूमेंट में गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने का वादा भी किया था। रावत का मानना है कि सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी केवल नाम भर के लिए कहा है। वहां उस हिसाब से काम नहीं हो रहे हैं। बल्कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जो काम शुरू हुए थे, वर्तमान भाजपा सरकार ने उन्हें भी रोक दिया है।
मैं चाहता हूं 15 अगस्त से पहले पहले गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन सरकार के दर्शन कर लूं। इस पुण्य कार्य को पूरा करने के लिए मैं नौ अगस्त को गैरसैंण जाऊंगा।
हरीश रावत, राष्ट्रीय महासचिव-कांग्रेस