रुद्रप्रयाग के जिला अस्पताल में मरीजों से अवैध पैसों की मांग की शिकायत पर जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

0
170

रुद्रप्रयाग में मरीजों से अवैध रूप से पैसों की मांग की जा रही है मांग

मरीजों से शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी मनुज गोयल ने गंभीरता दिखाते हुए बैठा दी जांच

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
रुद्रप्रयाग: जिला चिकित्सालय में मरीजों से अवैध रूप से पैंसों की मांग की शिकायत पर जिलाधिकारी जिलाधिकारी मनुज गोयल ने गंभीरता दिखाते हुए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करते हुए तुरंत एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति में मुख्य चिकित्सा अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सदस्य है। समिति एक सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपेगी। 
गौरतलब हो कि विकासखंड अगस्त्यमुनि के जगोठ निवासी जितेंद्र सिंह ने शिकायती पत्र में जिलाधिकारी मनुज गोयल को बताया कि जब वह अपने पैर का उपचार करने जिला चिकित्सालय के हड्डी विभाग में गया तो उसे पैर के ऑपरेशन के लिए बीते 18 मार्च की तिथि दी गई थी। वहीं मरीज के पास आयुष्मान कार्ड न होने के एवज में उससे पचास हजार रुपए की मांग की गयी। जिसके बाद मरीज द्वारा अपना आयुष्मान कार्ड बनाया गया। आयुष्मान कार्ड बनने के बाद भी चिकित्सक द्वारा उनसे तीस हजार रुपए की मांग की जा रही थी। इसके साथ ही ऑपरेशन करने को लेकर लगातार आगे की तिथियां निर्धारित की जा रही हैं। साथ ही पैसे की भी मांग की जा रही है।
जिलाधिकारी गोयल द्वारा शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समिति को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कहा कि यदि जांच में चिकित्सालय का कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। जनता को हो रही दिक्कतों को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से इस कार्य को उच्चतम प्राथमिकता के आधार पर करने को कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि चिकित्सालय प्रशासन की अनेक शिकायतें लगातार जिलाधिकारी के संज्ञान में दूरभाष व स्वयं मरीजों द्वारा समय-समय पर लाई जा रही थी। इनमें मरीज के पास आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी अनाधिकृत रूप से धनराशि की मांग करने सहित प्राइवेट मेडिकल स्टोर से मरीजों को दवाईयां व उपकरण इत्यादि सामग्री क्रय करवाना, मरीजों को अनावश्यक रूप से उच्च सेंटर संदर्भित किए जाने आदि की शिकायतें हैं।
डीएम गोयल ने कहा कि जिला चिकित्सालय में मरीजों को अनावश्यक रूप से परेशान करने के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। इन मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच के बाद दोषी पाये जाने वाले चिकित्सक एवं कर्मचारी के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी।