ऋषिकेश।धीरेन्द्र वीर सिंह ने गुरुवार को  टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (THDC ) के अध्यबक्ष एवं प्रबंध निदेशक के तौर पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है। भारत में हाइड्रो पावर उत्पाादन के क्षेत्र में टीएचडीसी एक प्रमुख उपक्रम  है। वर्तमान में इसकी कुल संस्थोपित क्षमता 1450 मेगावाट है। अध्यमक्ष एवं प्रबन्ध  निदेशक का कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व  डी.वी. सिंह टीएचडीसी में निदेशक (तकनीकी) के पद का दायित्वि निर्वाह कर रहे थे। अध्यक्ष एवं प्रबन्ध  निदेशक के तौर पर उनका कार्यकाल 30 अप्रैल 2021 तक होगा।

टिहरी बांध परियोजना टीएचडीसीआईएल की प्रमुख धरोहर है तथा यह एक बहुउदे्श्यीवय परियोजना है। इस परियोजना से उत्तरी  ग्रिड में 1000 मेगावाट विद्युत उत्पाजदन के साथ ही उत्तरप्रदेश  प्रदेश में 8.74 लाख हैक्टेएयर भूमि की सिंचाई तथा 200 क्यूसेक्स पेयजल उत्तरप्रदेश  प्रदेश तथा 300 क्यूसेक्स राजधानी  दिल्ली की जनसंख्या को उपलब्ध  कराया जाता है। रिन्यूकबल इनज  के प्रति भारत सरकार के विशेष रूझान को ध्याान में रखकर टीएचडीसीआईएल ने पवन व सौर ऊर्जा उत्पाजदन के लिए अपने कार्यक्षेत्र में विविधिकरण  किया है। गुजरात के पाटन जिले में 50 मेगावाट पवन ऊर्जा की कमीशनिंग करिंपोरेशन द्वारा पहले ही किया गया है और केरल के कासरगाड में 50 मेगावाट सौर ऊर्जा के विकास पर कार्य चल रहा है। गुजरात के द्वारिका जिले में 63 मेगावाट पवन ऊर्जा को भी अवार्ड किया गया है।

श्री सिंह ने ऐसे कठिन दौर में पदभार ग्रहण किया है, जबकि कम्पनी हाइड्रो पावर के क्षेत्र में अपनी स्थि ति को मजबूत करने में जुटी है तथा विस्तृत  रिन्यू्बल इनज  में रिक्त स्थान को भरने का ष्ट्किोण अपनाना जरूरी है। श्री सिंह ने टीएचडीसी में दो दशकों से भी अत्यधिक  व्योवसायिक यात्रा पूर्ण की है, ऐसे में यह नया उत्तररदायित्व उनके लिए सम्मान की बात है। कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर डी.वी. सिंह ने कहा कि अध्यक्ष एवं प्रबन्ध  निदेशक के तौर पर मेरा उद्देश्य होगा कि टीएचडीसीआईएल एक उत्तरदायी संस्थान के तौर पर हाइड्रो पावर के विकास में लगातार अग्रसर रहे।

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