हरिद्वार: हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने अपर सिविल जज एसडी कोर्ट में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में स्वामी रामदेव पर आरोप लगाने वाली महिला के खिलाफ वाद दायर किया है। जिसमें मीरा नामक महिला पर पतंजलि और बाबा रामदेव की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट ने वादी के बयान दर्ज करने के लिए 27 जून की तारीख मुकर्रर की है।

पतंजलि योगपीठ में काम कर चुकी मीरा नामक महिला का एक वीडियो करीब दो सप्ताह से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें महिला पतंजलि के उत्पादों से लेकर स्वामी रामदेव के प्रकल्पों पर सवाल उठाती हुई नजर आ रही है। वीडियो में महिला ने स्वामी रामदेव के निजी जीवन को लेकर भी टिप्पणी की है।

हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने सिविल जज एसडी रजनी शुक्ला की अदालत में महिला के खिलाफ वाद दायर कर आरोप लगाया कि पतंजलि व स्वामी रामदेव के खिलाफ सोची समझी साजिश के तहत झूठे आरोप लगाकर वीडियो वायरल किया गया है। अधिवक्ता का कहना है कि वह स्वामी रामेदव व उनके विचारों से प्रभावित हैं। स्वामी रामदेव ने विदेश तक में योग और भारतीय संस्कृति का परचम लहराया है। स्वामी रामदेव के सम्मान में न्यूयार्क में अलग से दिवस भी मनाया जाने लगा है।

ऐसे में महिला ने स्वामी रामदेव, पतंजलि व साधु संतों पर अनर्गल आरोप लगाते हुए धाíमक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। रक्षाबंधन जैसे हंिदूू त्योहार को लेकर अनर्गल टिप्पणी से भी भावनाएं आहत हुई हैं। अधिवक्ता ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि महिला को वीडियो में लगाए गए आरोपों के संबंध में सुबूतों सहित तलब किया जाए और कड़ी सजा दी जाए। इस मामले में कोर्ट ने वादी के तौर पर अधिवक्ता अरुण भदौरिया के बयान दर्ज करने के लिए 27 जून की तिथि तय की है।

सूचना : यह वीडियो हमें व्हाट्सएप से प्राप्त हुआ है इस  वीडियो में इस महिला द्वारा स्वामी राम व अन्य लोगों पर लगाए जा रहे आरोपों की हम कदापि पुष्टि या समर्थन नहीं करते हैं  और न ही हमारा किसी भी व्यक्ति की मानहानि करने  का कोई मकसद ही है यह वीडियो केवल समाचार के सन्दर्भ में यहाँ प्रकाशित किया गया है।  

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