दो बच्‍चों की मौत तो पत्‍नी और एक बच्‍ची की हालत नाजुक

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून । डोईवाला कोतवाली के अंतर्गत नागल ज्‍वालापूर (दुधली) में एक रहस्यमय घटना घटी है जहां एक चालक ने अपने दो (मुस्कान 11 वर्ष और विनय 13 वर्ष) बच्‍चों को धारदार हथियार से वारकर हत्‍या कर दी, जबकि पत्‍नी व एक अन्‍य बच्‍चे की भी जान लेने की कोशिश की। इसके बाद खुद फांसी लगाने का प्रयास किया।स्थानीय लोगों से तीनों को घटना की जानकारी मिलने के बाद जॉली ग्रांट अस्‍पताल में भर्ती कराया।जहां तीनों जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। जबकि पुलिस घटना के कारणों को तलाशने में जुटी हुई है।

मामले के संज्ञान में आते ही देहरादून की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नि‍वेदिता कुकरेती, एसपी देहात परमेंद्र डोभाल ने भी घटनास्थल का मौका मुआयना किया है। घर के अंदर खून बिखरा पड़ा था। पुलिस को खिड़की के पास हत्या में इस्तेमाल लट्ठा भी मिला। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि आसपास पूछताछ में पता चला कि आरोपी कुछ समय से डिप्रेशन में चल रहा था। सुबह तड़के इस ने घटना को अंजाम दिया था। सुबह 7 बजे के आसपास स्थानीय लोगों को इस घटना का पता चला। घायल राम सिंह की पत्नी के होश आने पर उससे पूछताछ की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, घटना मंगलवार तड़के की है। दून शहर से 20 किलोमीटर दूर डोईवाला के नागल ज्वालापुर की मेहरा बस्ती में राम सिंह नाम का व्‍यक्ति रहता है। वह चालक है। उसने अपने दो बच्‍चों (मुस्कान 11 वर्ष और विनय 13 वर्ष) की धारदार हथियार से हत्‍या कर दी। साथ ही पुत्री (भूमिका 12 वर्ष और पत्‍नी रीना) पर भी जानलेवा हमला किया। इसके बाद खुद आत्‍महत्‍या की कोशिश की।

घटना का पता उस समय चला जब मंगलवार सुबह सात बजे साथी बच्‍चे स्‍कूल जाने लगे। दोस्‍तों ने मुस्‍कान, विनय आदि को स्‍कूल जाने के लिए आवाज दी, लेकिन कोई बाहर नहीं आया। इस पर उन्‍होंने खिड़की से झांक कर देखा तो अंदर सब बेसुद पड़े नजर आए। इस पर पास में रहने वाले राम सिंह के भाई और आसपास के लोग मौके पर एकत्र हुए। वे खिड़की तोड़कर घर के अंदर घुसे। घायल राम सिंह, रीना और भूमिका को राम सिंह के भाई श्याम सिंह ने अपनी गाड़ी से हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई।

पुलिस ने बताया कि आरोपी राम सिंह चालक है। पहले वह अपनी गाड़ी चलाता था। बाद में अपनी गाड़ी भी उसने बेच दी थी। आरोपी चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। आरोपी का सबसे बड़ा भाई हुकम सिंह, दूसरा भाई इतवार सिंह व सबसे छोटा भाई श्याम सिंह है। श्याम सिंह व राम सिंह जुड़वा थे। इस घटना से आरोपी राम सिंह के सभी भाई भी सदमे में हैं।