मसूरी : पहाड़ों की रानी मसूरी में वर्ष 2014 के बाद शनिवार को काफी अच्छी बर्फबारी हुई है। मसूरी के स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते तीन साल बाद यहाँ इस बार अच्छी बर्फवारी हुई है। जबकि चकराता इलाके में दो साल बाद बर्फबारी इस तरह की बर्फवारी हुई है। इससे धनोल्टी, सुरकंडा सहित आस पास की सारी पहाड़ियां बर्फ की चादर से लक-धक गई हैं। वहीँ पर्यटक स्थल चकराता में मौसम का पहला हिमपात हुआ।

सूबे में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने करवट बदलनी शुरू कर दी थी। शाम होते ही तेज शीतलहरी के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई, जो देर रात तेज बारिश में तब्दील हो गई। बीती आधी रात के बार मसूरी में हिमपात शुरू हो गया। बर्फबारी को लेकर मसूरी नगरवासी सहित देहरादून वासी व पर्यटक भी खासे उत्साहित हैं और बर्फबारी का आनंद उठा रहे हैं। लालटिब्बा क्षेत्र में तीन से चार इंच तक बर्फ गिरी है, जबकि धनोल्टी, बुराशंखण्डा, दुधली भदराज नागटिब्बा व सुरकण्डा आदि क्षेत्रों में 6 से 8 इंच तक बर्फ गिर चुकी है।मसूरी में बर्फबारी के बाद पहाड़ों की रानी की तरफ पर्यटकों का रुख हो गया है ।

वहीँ दूसरी ओर मौसम की बदली रंगत के बीच उत्तराखंड के मशहूर पर्यटक स्थल चकराता में मौसम का पहला हिमपात हुआ। चकराता छावनी बाजार और आसपास के इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई है। जौनसार बावर की ऊंची पहाड़ियों के साथ ही तलहटी में बसे गांव भी बर्फ से लकदक हो गए हैं। दूर से ही बर्फ से लकदक चोटियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं।शुक्रवार की रात आठ बजे से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार तक जारी रहा। चकराता छावनी बाजार में सुबह तक डेढ़ से दो फीट तक हिमपात हो चुका था। बर्फबारी के चलते ठंड में भारी इजाफा हो गया है।

सर्दी से बचने के लिए लोग घरों में दुबके रहे और अलाव का सहारा लिया। लोहारी, लोखंडी, कोटीकनासर, खडंबा की ऊंची पहाड़ियों पर भी सुबह 10 बजे तक बर्फबारी का दौर जारी था। पछवादून में भी तापमान गिरने से ठंड बढ़ गई है।

जनजातीय क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों मुंडाली, खड़ंबा, देववन, देवती, बैराटखाई, चुरानी, बुधेर, देववंद, मोल्टा, चांगशील, खादरा, बोगीधार आदि ने बर्फ की चादर ओढ़ ली है।

नागथात क्षेत्र में करीब दो साल बाद बर्फबारी हुई। बर्फबारी देख ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। बर्फबारी देखने के लिए ऊंचाई वाले इलाकों में सैलानी पहुंच रहे हैं। शनिवार को चकराता का न्यूनतम तापमान अधिकतम दो डिग्री और न्यूनतम -04 डिग्री रहा।

ऊंची पहाड़ियों के साथ ही तलहटी में बसे गांवों में भी हिमपात हुआ है। भरम खत के ठारठा, कांडोई, भरम, कुनवा, पिंगुववा, गोरछा, बेगी, बागनी, बुल्हाड़, डीडा, नोहरा, कावा, उटेड़ा समेत 30 से अ‌धिक गांवों में बर्फबारी होने से जनजीवन ठप हो गया है। लोग घरों में कैद हो गए हैं।

ऊंची पहाड़ियों पर हुई बर्फबारी के बीच त्यूनी तहसील के 80 गांवों में बीती शुक्रवार की रात से अंधेरा पसरा हुआ है। लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जनजीवन थम सा गया है। लाइट गुल होते ही क्षेत्र की संचार सेवा भी चरमरा गई है।

ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के बीच चकराता-त्यूनी मोटर मार्ग पर लोखंडी के पास भारी मात्रा में बर्फ आने से मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। यह सड़क त्यूनी तहसील को सीधे चकराता ब्लाक मुख्यालय से जोड़ती है।रास्ता बंद होने के बाद लोगों को वाया क्वानू होकर चकराता पहुंचना पड़ रहा है। इसके साथ ही कालसी-बैराटखाई मोटर मार्ग, कालसी-चकराता, चकराता-त्यूनी, चकराता-लाखामंडल मोटर मार्ग भी बंद हो गए हैं।