बागेश्वर जिले में Diphtheria बीमारी से अब तक सात मासूमों की मौत !

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गांवों में बीपीडी यानी वैल्यू ऑफ वैक्सीनेशन और टीडी यानी टेटनेस एंड डिप्थीरिया का टीकाकरण कार्य शुरू : सीएमओ 

अभी तक एक बच्चे की मौत बीमारी से हुई : मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जोशी 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
बागेश्वर : कपकोट तहसील के कनलगड़घाटी में डिप्थीरिया यानी गलघोंटू बीमारी ने पुड़कुनी, चचई, जगथाना आदि गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर भी लगाया है लेकिन बीमारी पर स्वास्थ्य महकमा काबू नहीं पा सका है।
मिली जानकारी के अनुसार तहसील अंतर्गत चचई गांव में अगस्त से डिप्थीरिया यानी गलघोंठू बीमारी के लक्षण बच्चों में दिखाई दिए हैं। बीमारी की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद की है। यह गांव अनुसूचित जाति बाहुल्य है। ग्राम प्रधान निर्मला जोशी ने बताया कि इस बीमारी से हिमांशी (15) पुत्री मधन राम की मौत हो गई है। उसके गले में दर्द की शिकायत थी। यह बीमारी अगस्त से गांव में फैली हुई है। जिससे अगस्त माह में एक अंतराल के बाद नीरज कुमार (13) पुत्र गोपाल राम, विद्या (14) पुत्री दिनेश चंद्र, अंकित (6) पुत्र दीवान राम, सपना (14) पुत्री माधो राम की इसी बीमारी से मौत हो गई है। गौरव (03) पुत्र जोगा राम की बेस अस्पताल हल्द्वानी में एक दिन पूर्व  मौत हुई है। इसके अलावा जगथाना निवासी कृष्णा (08) पुत्र प्रताप सिंह की मौत हुई है। उसकी दो बहिनों का हल्द्वानी सुशीला तिवारी में अभी भी इलाज चल रहा है।
हालांकि इधर जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ मनीष पंत ने बताया कि अभी तक एक बच्चे की मौत डिप्थीरिया से हुई है। इसके अलावा 20 लोगों के सेंपल जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीडी जोशी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट के डॉक्टर गांव पर निगरानी रखे हुए हैं। गांव में बीपीडी यानी वैल्यू ऑफ वैक्सीनेशन और टीडी यानी टेटनेस एंड डिप्थीरिया का टीकाकरण कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद डिप्थीरिया की शिकायत सामने आई है। अभी तक एक बच्चे की मौत बीमारी से हुई है।