केदारनाथ आपदा 2013 में लापता यात्रियों के कंकालों की फिर होगी खोज

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पीआईएल के अनुपालन में पुलिस मुख्यालय तथा परिक्षेत्रीय कार्यालय करेगा खोज 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

सर्च अभियान चलेगा इन ट्रैकिंग रूट्स पर 

केदारनाथ से वासुकिताल, गौरीकुण्ड से केदारनाथ एवं वर्तमान में उपयोग में लाए जा रहे मार्ग के आसपास का क्षेत्र, कालीमठ से चैमासी होते हुए रामबाड़ा, रामबाड़ा का ऊपरी क्षेत्र, जंगलचट्टी का ऊपरी क्षेत्र, केदारनाथ बेस कैम्प का ऊपरी क्षेत्र और केदारनाथ मन्दिर के आसपास का क्षेत्र, गौरीकुण्ड से गोऊंमुखड़ा, केदारनाथ से चौराबाड़ी एवं आसपास का क्षेत्र, त्रियुगीनारायण से गरूड़चट्टी होते हुए केदारनाथ, गौरीकुण्ड से मुनकटिया का ऊपरी क्षेत्र होते हुए सोनप्रयाग।
देहरादून : केदारनाथ आपदा में लापता यात्रियों के नर कंकाल खोजने का अभियान बुधवार से फिर चलाया जा रहा है, इसके लिए रुद्रप्रयाग पुलिस ने 10 टीमें गठित की हैं। पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देश पर यह सभी टीमें सोनप्रयाग पहुंच चुकी हैं। चार दिवसीय सघन अभियान में पुलिस, एसडीआरएफ और फार्मेसिस्ट की संयुक्त टीमें 10 मार्गों पर खोजबीन कर केदारनाथ पहुंचेगी। जहां स्वयं एसपी टीमों से पूरी जानकारी लेंगे।
वर्ष 2013 को 16-17 जून केदारनाथ आपदा के दौरान लापता हुए लोगों के मृत शरीर, नर कंकाल खोजने के लिए बुधवार से सघन अभियान शुरू होगा। आपदा के बाद बीते वषों में भी आपदा में लापता लोगों के मृत शरीर व नर कंकालों की ढूंढ खोज के लिए टीमें गठित कर सर्च अभियान चलाया गया जबकि पाए गए नर कंकालों का विधिवत डीएनए सैम्पल लेते हुए संबंधित धर्म और रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया।
इस वर्ष भी पीआईएल के अनुपालन में पुलिस मुख्यालय तथा परिक्षेत्रीय कार्यालय देहरादून के निर्देशों पर जिले की पुलिस द्वारा एसडीआरएफ उत्तराखण्ड व गढ़वाल परिक्षेत्र के अन्य जनपदों के पुलिस कर्मियों के सहयोग से वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में लापता हुए लोगों के मृत शरीर, नर कंकालों की खोजबीन के लिए चार दिवसीय खोजबीन अभियान शुरू करेगी। 
पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यह अभियान बुधवार को सुबह 8 बजे से शुरू होगा। खोजबीन के लिए जिला स्तर पर 10 टीमें गठित की गई है, जिनके लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किये गये हैं। हर टीम का नेतृत्व 1 उपनिरीक्षक द्वारा किया जाएगा जबकि उसकी टीम में 2 पुलिस आरक्षी, 2 एसडीआरएफ आरक्षी और 1 फार्मासिस्ट शामिल है।
गठित टीमों में रुद्रप्रयाग जिले से 3 उपनिरीक्षक, 8 आरक्षी, चमोली जिले से 2 उपनिरीक्षक, 6 आरक्षी, पौड़ी जिले से 2 उपनिरीक्षक, 6 आरक्षी, एसडीआरएफ से 3 उपनिरीक्षक, 1 मुख्य आरक्षी व 19 आरक्षी शामिल है। रुद्रप्रयाग जिले से 10 फार्मासिस्ट के साथ ही सभी टीमों में कुल 60 कर्मचारी शामिल हैं। हर टीम को पर्याप्त मात्रा में रात्रि विश्राम, कैम्पिंग के लिए टैंट, स्लीपिंग बैग, मैट्रस, रसद सामग्री, आवश्यक सुरक्षा उपकरण, संचार के लिए वायरलेस सेट, फोटो-वीडियोग्राफी के कैमरे दिए गए हैं।
सभी मार्गों पर चलाए जाने वाले अभियान को सफल बनाने के लिए गूगल मैप का उपयोग किया जाएगा। मैप रीडिंग के लिए हर टीम के साथ एसडीआरएफ कार्मिक मौजूद हैं। अन्य मार्गों की अपेक्षा में 3 कठिन मार्गो में जाने के लिए टीम के सहयोग को स्थानीय स्तर पर मार्गदर्शक (गाइड) व पोर्टरों की भी व्यवस्था की गई है।