सिर्फ पॉलीबैग ही नहीं है सिंगल-यूज़ प्लास्टिक

सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक

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सामान्य प्लास्टिक के बजाय मल्टी लेयर प्लास्टिक कई गुणा ज्यादा खतरनाक

एक साथ नए विकल्पों को तलाशते हुए कई कदम उठाने की जरूरत

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

देहरादून । एन्वायर्नमेंटल एक्शन एंड एडवोकेसी ग्रुप के रूप के कार्य कर रही संस्था गति फाउंडेशन ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा  दो अक्टूबर से देश मे सिंगल यूज प्लास्टिक बंद करने के लिए अभियान चलाने की घोषणा का स्वागत किया है। संस्था का कहना है इस अभियान की व्यापक और सतत शुरुआत उत्तराखंड राज्य मे स्थित सभी सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थाओं मे करने की जरूरत है।

गति फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल के अनुसार सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से इसका जिक्र करना ही यह साबित करने के लिए काफी है कि यह समस्या कितनी गंभीर हो चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री की घोषणा का स्वागत किया और कहा कि पहले से प्लास्टिक उन्मूलन के लिए काम कर रही उनकी संस्था इन दिशा में अब और तेजी से काम करेगी। उनका कहना कि सबसे पहले यह देखना होगा कि सिंगल यूज प्लास्टिक क्या है। प्लास्टिक की सोच, समझ और समस्या सिर्फ पॉलीबाग तक सीमित नहीं है और सिर्फ दुकानों पर छापेमारी करके इससे निपटना संभव नहीं है। इसके लिए एक साथ नए विकल्पों को तलाशते हुए कई कदम उठाने की जरूरत होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि सभी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में प्लास्टिक बोतल, पाॅली बैग, प्लास्टिक ग्लास, चम्मच, चाकू, थर्माकोल के उत्पाद आदि बंद किये जाएं तो सिंगल यूज प्लास्टिक उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता मिल सकती है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई की प्रधानमंत्री की अपील के बाद राज्य भर मे विभिन्न सार्वजनिक, राजनैतिक और धार्मिक आयोजनों मे इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक मे भी कमी आएगी ।

अनूप नौटियाल ने सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में प्लास्टिक फोल्डर की जगह अन्य फोल्डर इस्तेमाल करने की जरूरत बताई। उन्होंने संस्थानो में आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों में प्लास्टिक के बजाय कपड़े के बैनर इस्तेमाल करने, अतिथियों को दिये जाने वाले बुके को प्लास्टिक में पैक न करने और कार्यक्रमों के लिए पैक्ड लंच मंगवाते समय प्लास्टिक पैकिंग न करने की शर्त रखे जाने का भी सुझाव दिया है। उनका कहना है कि मल्टी लेयर पैकेजिंग वाले बिस्कुट, नमकीन आदि का इस्तेमाल कम करके भी प्लास्टिक नियंत्रण की दिशा में पहल कर सकता है। उनका कहना है कि सामान्य प्लास्टिक के बजाय मल्टी लेयर प्लास्टिक कई गुणा ज्यादा खतरनाक होता है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके इस सुझावों के क्रियान्वन से प्रधानमंत्री के सिंगल यूज प्लास्टिक उन्मूलन अभियान की दिशा में उत्तरखंड को सफलता मिल सकती है । उन्होने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील करी ।