• दो लोगों का सेवानिवृत्ति और निधन के बाद मिली अनुमति 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून: छात्रवृत्ति घोटाले में शासन ने सात लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज करने तथा गिरफ्तारी की अनुमति दे दी है। इससे समाज कल्याण के संयुक्त निदेशक समेत सहायक समाज कल्याण अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय हो गई है। उधर, एसआइटी का कहना है कि शासन का पत्र मिलते ही इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

नामी कॉलेजों पर हाथ डालने से डरी एसआईटी 

देहरादून में दर्ज मुकदमे में एसआइटी की जांच धीमी गति से आगे बढ़ रही है।चर्चा है कि यहां के कॉलेज संचालकों ने अधिकांश दस्तावेज पुख्ता कर लिए हैं। जिससे एसआइटी को घोटाले के सबूत जुटाने में दिक्कत हो रही है। खासकर प्रेमनगर क्षेत्र के नामी कॉलेजों के सत्ता से जुड़े लोगों पर हाथ डालने से पहले एसआइटी हर पहलू की बारीकी से जांच कराना चाहती है।

दशमोत्तर छात्रवृत्ति वितरण में हरिद्वार जनपद में करोड़ों रुपये का घपला हुआ है। इस मामले में उप निदेशक एवं पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआइटी ने छात्रवृत्ति वितरण में शामिल रहे सात अधिकारियों के खिलाफ अनुमति मांगी थी। सोमवार को न्याय विभाग ने विधिक राय दे दी थी। मंगलवार को समाज कल्याण सचिव ने सभी आरोपितों के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति जारी कर दी।

अपर सचिव समाज कल्याण रामविलास यादव ने बताया कि विधिक राय मिलने के बाद छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपित संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल, पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी रहे दीपराज अग्निहोत्री, सहायक समाज कल्याण अधिकारी खानपुर सोम प्रकाश, सहायक समाज कल्याण अधिकारी भगवानपुर विनोद नैथानी और सहायक समाज कल्याण अधिकारी लक्सर मुनीष त्यागी समेत कुल सात लोगों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दी गई है। इनमें से दो लोगों का सेवानिवृत्ति के बाद निधन हो गया है। एसआइटी सूत्रों का कहना है कि अनुमति पत्र अभी उन्हें नहीं मिला है। जैसे ही पत्र मिलेगा, इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।

’>>एसआइटी के पत्र पर शासन ने दी मुकदमा और गिरफ्तारी की अनुमति

’>>हरिद्वार में करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति घोटाले का है आरोप

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