संयुक्त सचिव से हटाया गया शिक्षा विभाग का दायित्व

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून : राज्य में निजी स्कूलों को मान्यता दिलाने के नाम पर लेन-देन का ऑडियो वायरल होने के मामले में शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने संबंधित संयुक्त सचिव से शिक्षा महकमे का दायित्व वापस लेकर सचिवालय प्रशासन को सरेंडर कर दिया है। वहीं संयुक्त सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। उधर, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के निजी सचिव सोमपाल ने बुधवार को अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर वायरल ऑडियो की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर में एक निजी स्कूल को मान्यता दिलाने में पैसे के लेन-देन का ऑडियो वायरल होने को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री इस मामले में कार्रवाई के संकेत दे चुके थे। शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडे भी उक्त मामले की एसआइटी जांच कराने के निर्देश सचिव को दे चुके हैं। वायरल ऑडियो में स्कूलों को मान्यता दिलाने के लिए पैसे के लेन-देन का जिक्र है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के आदेश पर विभाग की छवि धूमिल होने से चिंतित शिक्षा सचिव ने बुधवार को आदेश जारी कर संयुक्त सचिव माध्यमिक शिक्षा से तत्काल प्रभाव से विभागीय दायित्व हटाते हुए उन्हें सचिवालय प्रशासन को सरेंडर कर दिया। अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन को लिखे पत्र में शिक्षा सचिव ने उक्त अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की सिफारिश भी की है।

ऑडियो प्रकरण में ही शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के निजी सचिव के नाम का लेन-देन को लेकर जिक्र किया जा रहा है। निजी सचिव सोमपाल सिंह ने अपर मुख्य सचिव को सौंपे प्रार्थना पत्र में कहा कि ऑडियो में उनके नाम का जिक्र दो अज्ञात व्यक्तियों की बातचीत में किया जा रहा है। यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है। प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि एसपी सिटी देहरादून को भी कार्यवाही के लिए भेजी गई है।

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