रेलवे के ई टिकटों की दलाली करने वाले आठ एजेंटों सहित 14 दलाल गिरफ्तार

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आरपीएफ ने दलालों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राष्‍ट्रव्‍यापी अभियान शुरू किया

खुफिया जानकारी के साथ जोड़कर प्रबल मॉड्यूल के जरिये पीआरएस डेटा का विश्लेषण करके की गई पहचान

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने जैसे ही 12 मई, 2020 को 15 एसी स्पेशल ट्रेनों की आवाजाही शुरू की और एक जून से सौ जोड़ी अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, ई-टिकटों की दलाली के संबंध में शिकायतें मिलनी शुरू हो गईं। व्यक्तिगत आईडी का इस्तेमाल करके स्‍पेशल ट्रेनों में आरक्षित बर्थों पर अधिकार जमाने की शिकायतें मिलने लगीं। यह भी आशंका व्‍यक्‍त की जा रही है कि एक बार सौ जोड़ी ट्रेनों के लिए आरक्षण शुरू हो जाने के बाद, इन दलालों की गतिविधियां से आम व्यक्ति को कन्‍फर्म रिजर्वेशन उपलब्ध कराने पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
आरपीएफ ने इन दलालों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राष्ट्रव्यापी व्यापक प्रयास शुरू किए हैं। खुफिया जानकारी और प्रबल मॉड्यूल के जरिये पीआरएस डेटा का विश्लेषण किया गया, जिसका इस्‍तेमाल इन दलालों को पहचानने और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए किया जा रहा है।
यह अभियान 20 मई को शुरू किया गया और देश के पूर्वी हिस्से में अम्‍फन तूफान के प्रभाव के बावजूद, आरपीएफ ने आईआरसीटीसी के आठ एजेंटों सहित 14 दलालों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 6,36,727 रुपये के टिकट बरामद किए गए, जिनसे यात्रा की जानी बाकी थी।
ये आईआरसीटीसी एजेंट टिकटों को अपने अधिकार में रखने के लिए व्यक्तिगत आईडी का उपयोग कर रहे थे और फिर उन्हें अनाधिकृत रूप से प्रीमियम पर बेचते थे। इन एजेंटों को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एक दलाल सुपर तत्‍काल प्रो नाम के ऑटो फिल सॉफ्टवेयर का उपयोग करता पाया गया।