नजंग से मालपा तक चट्टानों के बीच से सड़क निकल पहुंचेगी चीन सीमा तक

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सीमा तक सड़क के लिए अब मालपा से चलसीता तक ढाई किमी सड़क का होगा कटान

धारचूला(पिथौरागढ़) गर्बाधार से चीन सीमा लिपूलेख तक बन रही सड़क निर्माण में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने एक और कठिन बाधा पार कर ली है। नजंग से मालपा तक चट्टानों के बीच से सड़क काट दी गई है। अब मालपा से चलसीता तक ढाई किमी सड़क कटान होते ही चीन सीमा तक सड़क तैयार हो जाएगी।

गर्बाधार से व्यास घाटी में चीन सीमा लिपूलेख तक सड़क निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। चीन सीमा तक बन रही सड़क निर्माण में गर्बाधार से मालपा व चलसीता तक का आठ किमी क्षेत्र सबसे बड़ी चुनौती था जबकि इससे आगे नावीढांग तक सड़क का कटान पहले ही हो चुका है। 2006 से शुरू हुई इस सड़क परियोजना में गर्बाधार से नजंग व मालपा तक कटान सबसे कठिन हो गया था।

गर्बाधार से नजंग तक सड़क निर्माण के दौरान पिछले वर्ष भारी भूस्खलन से बाधा उत्पन्न हो गई थी। इससे कैलास मानसरोवर यात्र भी पिथौरागढ़ से गुंजी तक हेलीकॉप्टर से संचालित करनी पड़ी। इस बार जून से पूर्व गर्बाधार से नजंग तक कठोर चट्टानों को काट कर सड़क बना दी गई थी।

नजंग से मालपा तक तीन किमी सड़क निर्माण की चुनौती थी। क्षेत्र में बीआरओ ने एक निजी कंपनी को निर्माण कार्य सौंपा था। अब नजंग से मालपा तक भी सड़क काटी जा चुकी है। केवल मालपा से चलसीता तक मात्र दो से ढाई किमी सड़क कटान होना शेष है।