RI पर केस दर्ज करने की पुलिस ने की तैयारी

26 मई को पड़ी थी RI के घर डकैती 

मामले में पुलिस को गलत जानकारी देने का मिला प्रमाण

देहरादून : उत्तराखंड पुलिस आजकल एक अजीबोगरीब मामले की जांच में जुटी हुई है जिसमें पकडे गए डकैत तो कहते हैं हमने दो करोड़ से ज्यादा की डकैती की लेकिन परिवहन विभाग के जिस संभागीय निरीक्षक (RI) के घर डकैती पड़ी थी उनकी पत्नी का कहना है रकम इतनी नहीं जितनी डकैत बता रहे हैं। RI की पत्नी ने सिर्फ पांच लाख रुपये कैश और करीब बीस लाख रुपये की ज्वेलरी की लूट की रिपोर्ट भी घटना के काफी दिन बाद तब  लिखवाई जब पुलिस ने एक दूसरे डकैती के मामले में उन्ही डकैतों की पकड़ा तो उन्होंने पुलिस के सामने सारा राज़ खोल दिया अब पुलिस के डकैती की रकम की कहाँ डकैतों ने इन्वेस्ट किया तो कड़ियाँ खुलने लगी और RI का झूठ भी सामने आने लगा है। 

क्रिकेट एकेडमी चलने वाले ईश्वरन के घर डकैती से कुछ दिन पहले देहरादून के परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक (आरआइ) के घर पड़ी डकैती के मामले में झूठी जानकारी देने के मामले में RI की मुश्किल और बढ़ने वाली है। मामले में डकैतों ने RI के घर से जहां दो करोड़ रूपये से अधिक की डकैती की बात कबूली है तो वहीं RI की पत्नी ने सिर्फ पांच लाख रुपये कैश और करीब बीस लाख रुपये की ज्वेलरी की लूट की सूचना पुलिस को घटना के काफी समय के बाद दी।

वहीं सूत्रों का कहना यही कि पुलिस इस बात की काफी हद तक पुष्टि कर चुकी है कि डकैती की रकम आरआइ की पत्नी की ओर से दी गई तहरीर में खोली गई रकम से कई गुना ज्यादा है। ऐसे में पुलिस अब आरआइ पर पुलिस को गुमराह करने और झूठी सूचना देने का मामला दर्ज कर सकती है।

गौरतलब हो कि 22 सितंबर की रात बंगाल क्रिकेट टीम के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के पिता और अभिमन्यु क्रिकेट ऐकेडमी के मालिक आरपी ईश्वरन के घर पड़ी डकैती का पुलिस ने जब एक अक्टूबर को पर्दाफाश किया तो डकैतों ने कई सनसनीखेज रहस्यों को उजागर किया। डकैतों ने बयान दिया कि इससे पहले उन सभी ने 26 मई की रात वसंत विहार के विजय पार्क कॉलोनी में परिवहन विभाग के आरआइ के घर 1.38 करोड़ की डकैती डाली थी। लेकिन तब इस घटना की पुलिस को जानकारी ही नहीं दी गई थी।

एसएसपी अरुण मोहन जोशी की ओर से मामले में जांच बैठाए जाने के बाद बीती छह अक्टूबर को आरआइ की पत्नी रमा सिंघल ने वसंत विहार पुलिस को तहरीर दी, लेकिन उनका कहना था कि उनके यहां से पांच लाख रुपये कैश और करीब बीस लाख रुपये की ज्वेलरी लूटी गई थी। मगर वारदात में शामिल सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सभी के बयान दर्ज किए तो सभी का कहना था कि आरआइ के घर से दो करोड़ से अधिक की नकदी मिली थी। इसमें सभी को 23-23 लाख रुपये हिस्सा मिला था। पिछले दिनों दिल्ली गई टीम ने इससे जुड़े कई साक्ष्य भी जुटा लिए हैं। जिससे आरोपितों के दावे की पुष्टि होती दिख रही है। सूत्रों की मानें तो अब पुलिस इन साक्ष्यों के आधार पर आरआइ के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने और झूठी सूचना देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सकती है।

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