आखिर ऐसा क्या है नाता अपर मुख्यसचिव मुख्यमंत्री और विवादित प्रोफ़ेसर में 

देहरादून: स्मार्ट सिटी परियोजना की अब ढंग से शुरुआत भी नहीं हुई और इस पर विवाद की छाया पड़ने लगी है। बताया जा रहा है कि स्मार्ट सिटी के संचालन के लिए जिस एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) के गठन का अनुमोदन किया गया है, उसके सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) पद पर एक बार फिर मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री में जंग छिड़ गयी है. मुख्य सचिव जहाँ अपने चाहते को इस पद पर बैठाना चाहते हैं वहीँ अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री प्रोफ़ेसर से अधिकारी बने  एक विवादित को नियुक्त करने की तैयारी में  है।

बुधवार को मुख्य सचिव एस रामास्वामी की अध्यक्षता में आयोजित हाई पावर कमेटी की बैठक में एसपीवी को अनुमोदित किया गया। एक तरफ यह कवायद की गई और दूसरी तरफ इसके सीईओ पद पर नियुक्ति का खेल शुरू कर दिया गया। शासन के एक बड़े और प्रभावशाली नौकरशाह इस कसरत में लगे हैं।

बताया जा रहा है कि सीईओ की खोज उस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूम रही है, जो पूर्ववर्ती कांग्रेस से लेकर वर्तमान की भाजपा सरकार में तमाम विवादों से घिरे रहे। यही नहीं तमाम विवाद के चलते भी उन पर दोनों ही सरकार की बराबर कृपा बनी रही। हालांकि अभी अस्थायी व्यवस्था के रूप में सीईओ की जिम्मेदारी एमडीडीए उपाध्यक्ष को दी गई है और उपाध्यक्ष को पहले ही स्मार्ट सिटी कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में अहम जिम्मेदारी प्राप्त है। लिहाजा, उनसे जल्दी यह जिम्मेदारी वापस ले ली जाएगी।