हरिद्वार : पश्चिमी उत्तरप्रदेश के बदमाशों को उत्तराखंड आसान शरणस्थल बनता जा रहा है इस बात का प्रमाण तब मिला जब कुछ बदमाश एक व्यापारी को गाजियाबाद से अपहरण करके हरिद्वार तक ले आये  जिसे बाद में पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर मुठभेड़ के बाद बदमाशों के चुंगल से छुड़ा लिया। इस मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों को भी गोली लगी है। जबकि तीसरे आरोपी को स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। गोली लगने से घायल दोनों बदमाशों को जिला अस्पताल ले जाया गया। अपहरणकर्ताओं के चंगुल से कारोबारी को सकुशल बचालेने के बाद पुलिस कारोबारी को लेकर गाजियाबाद निकल गई गई है। पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद के प्रेम नगर निवासी लोहा कारोबारी अनिल अरोड़ा का दो करोड रुपए की फिरौती के लिए अपहरण किया गया था।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 25 जनवरी की रात को गाजियाबाद के एक व्यापारी अनिल अरोड़ा का सिहानी गेट क्षेत्र (गाजियाबाद) अपहरण करने के बाद उनके पिता को फोन करके दो करोड़ की फिरौती मांगी गई थी। मोबाइल की लोकेशन के बाद गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम अपहरणकर्ताओं का पीछा करते हुए शनिवार शाम को हरिद्वार तक पहुंच गयी । अपरहणकर्ताओं को पुलिस के आने की भनक लग तो गयी लेकिन वे भी पुलिस को चकमा देते हुए ज्वालापुर तहसील के समीप गाड़ी छोड़ तीन बदमाश रामनगर कालोनी के अंदर की तरफ भाग खड़े हुए। इस दौरान जब क्राइम ब्रांच की टीम अपरहणकर्ताओं को पकड़ने उनके पीछे दौड़ रही थी तो अपहरणकर्ताओं ने पुलिस पर फायर झोंक दिए।

वहीँ पुलिस ने आत्मरक्षा  करते हुए जवाबी फायरिंग की जिसमें दो अपहरणकर्ताओं को गोली लग गई, और तीसरे अपहरणकर्ता को कालोनी के लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। एसपी सिटी हरिद्वार ममता वोहरा ने बताया कि मुख्य अपहरणकर्ता घायल प्रदीप सिंह पुत्र वजीर सिंह जिंद हरियाणा, दूसरा घायल राशिद पुत्र शौकीन नाराणपुर मेरठ और तीसरा मोहसिन पुत्र इकबाल मंसूरी मेरठ का रहने वाला है।

पुलिस को आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, एक तमंचा मिला है। फायरिंग में प्रदीप के हाथ और पैर में गोली लगी है। जबकि राशिद के हाथ में गोली लगी है। बताया जा रहा है कि कारोबारी अनिल अरोड़ा का उस समय अपहरण किया गया जब वह फैक्ट्री से बाहर किसी से मिलने आए थे।