कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करना और उन्हें सेना के लिए प्रेरित करना : प्रो. रवि 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

ऋषिकेश : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में सेना दिवस के उपलक्ष्य में सेना के गरुड़ डिवीजन की ओर से पाइप बैंड का प्रदर्शन किया गया,सेना की बैंड टीम ने देशभक्ति की धुनें प्रस्तुत कर लोगों को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।

सोमवार को एम्स ऋषिकेश परिसर में आर्मी बैंड के प्रदर्शन कार्यक्रम का बतौर मुख्यअतिथि संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी व आर्मी गरुड़ डिवीजन के कर्नल आनंद अरविंद भार्गव ने संयुक्तरूप से हवा में गुव्वारे उड़ाकर किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में आर्मी कैंट रायवाला की गरुड़ डिवीजन की 12 सदस्यीय पाइप बैंड की टीम ने देशभक्ति की विभिन्न धुनों की शानदार प्रस्तुतियां दी। शानदार कार्यक्रम के जरिए सेना के जवानों ने उपस्थित जनसमुदाय को देशभक्ति का संदेश दिया।

इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति की भावना का जागृत करना और उन्हें सेना के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से लोगों को वीर शहीदों का सम्मान, सेना का अनुशासन, एकता व सौर्य का परिचय कराना है। निदेशक एम्स ने कहा कि संस्थान आर्मी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने कहा कि हम अपने कार्य को बेहतर तरीके से करते हैं व देश की प्रगति व सेवा का कार्य कर पा रहे हैं इसका श्रेय हमारी सेनाओं की सीमा सुरक्षा कार्य को जाता है। उन्होंने कहा कि आर्मी के योगदान से ही हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं व हम अपना ध्यान देश के विकास व सेवा कार्य में लगा पा रहे हैं।

डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने कहा कि हमारी नई पीढ़ी व विद्यार्थियों को सेना के अनुशासन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने जीवन में अनुशासन को अहम बताया, कहा कि सेना से सीखने योग्य अनेक बातें हैं जिनमें अनुशासन व कर्तव्यनिष्ठा अहम है।

उल्लेखनीय है कि 15 जनवरी के दिन लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा ने भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ का कार्यभार संभाला था, तभी से 15 जनवरी को सेना दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस अवसर पर उपनिदेशक प्रशासन अंशुमन गुप्ता, डीन एलुमिनाई प्रोफेसर बीना रवि, प्रो. किम मेमन, प्रो.यूबी मिश्रा, वित्तीय सलाहकार कमांडेंट पीके मिश्रा, डा. बलराम जीओमर, रजिस्ट्रार राजीव चौधरी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल आदि मौजूद थे।

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