नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जनधन खातों को लेकर बड़ा फैसला किया है. आरबीआई ने अपने फैसले में एक महीने में इन खातों से दस हजार रुपए से ज्यादा की निकासी पर रोक लगा दी है. ग़ौरतलब है कि नोटबंदी के फैसले के बाद जनधन खातों में खूब पैसा जमा कराया जा रहा है.

10 हजार से ज्यादा निकालने पर देना होगा खर्च का ब्यौरा

आरबीआई ने कहा है कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अन्तर्गत खुलवाए गए खातों से अब महीने में सिर्फ दस हजार रुपए ही निकाल पाएंगे. आरबीआई ने बैंकों के मैनेजर से कहा है कि अगर किसी खातेधारक को महीने में दस हजार से ज्यादा निकालने हैं तो उसे अपनी जरुरतों का पूरा ब्यौरा देना होगा कि वह इन पैसों का कहां इस्तेमाल करेगा.

जनधन के जरिए हो रहा है काले धन को सफेद बनाने का काम

बता दें कि 8 नवंबर को केंद्र सरकार की तरफ से पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट बंद करने के फैसले के बाद अचानक जनधन खातों में ज्यादा रकम जमा होने लगी है. कहा जा रहा है कि आरबीआई के इस फैसले के बाद जनधन खातों के जरिए अपना कालाधन सफेद कर रहे लोगों पर शिकंजा कस सकता है.

25 करोड़ जनधन खातों में 65 हजार करोड़ जमा

वित्त मंत्रालय को भी लग रहा है कि नोटंबीद के बाद जनधन खातों के जरिए कुछ लोग अपने काले धन को सफेद करने की कोशिश कर रहे हैं. नोटबंदी के बाद से अबतक 25 करोड़ जनधन खातों में 65 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए जमा हुए हैं. वित्त मंत्रालय की नजर ऐसे संदिग्ध खातों पर हैं और इनपर कभी भी कार्रवाई की जा सकती है.

क्या है प्रधानमंत्री जनधन योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब दो साल पहले 29 अगस्त को हर घर में कम से कम एक बैंक खाते के लिए जन-धन योजना की शुरुआत की थी तो मकसद बेहद सामान्य बैंक खाते के जरिए हर किसी को वित्तीय व्यवस्था के दायरे में लाने का था. उस समय किसी को अंदाजा भी नहीं था कि आगे चलकर ये काले धन को सफेद बनाने का एक बड़ा जरिया बनेगा.

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