जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर टैक्सी यूनियन की लूट और नोंक-झोंक से परेशान और हलकान हैं यात्री

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देश -दुनिया से उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और यात्रियों में जॉली ग्रांट हवाई अड्डे की हो रही छवि खराब

एयरपोर्ट ऑथॉरटी या स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन की नाक के नीचे आए दिन होते हैं झगड़े 

यात्रियों से जहाँ मनमाना किराया वसूलते है वहीँ बदसलूकी से भी नहीं चूकते टैक्सी यूनियन वाले 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून : राजधानी के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर जहां बाहर से आने वाले यात्रियों से अड्डे पर टैक्सियों का संचालन कर रहे टैक्सी यूनियन वालों की आए दिन नोंक -झोंक और लूट खसोट से यात्री परेशान और हलकान है वहीँ इनकी इस करतूत से उत्तराखंड आने वाले यात्रियों सहित उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों में जॉली ग्रांट हवाई अड्डे की छवि खराब होती जा रही है। 

गौरतलब हो कि उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून के पास स्थित जॉली ग्राण्ट हवाई अड्डा जहां पर्यटकों और उत्तराखंड आने वाले स्थानीय अप्रवासियों सहित अंतर्देशीय उड़ानों से आने जाने वाले लोगों के लिए मुफीद साबित हुआ है वहीँ यहाँ पर आने वाले यात्री और स्थानीय लोग टैक्सी चालकों और वहां बनी टैक्सी यूनियन से परेशान है। ऐसा नहीं कि एयरपोर्ट ऑथॉरटी या स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन को इस बात की जानकारी नहीं होगी कि यहां आये-दिन टैक्सी वालों की गुंडागर्दी के यात्री शिकार होते हैं।

स्थानीय यात्रियों से मिली जानकारी के मुताबिक बाहरी प्रदेशों अथवा विदेशों से उड़कर यहाँ पहुँचने वाले यात्रियों को जब अपने स्थानीय गंतव्यों जाना होता होता है तो उन्हें यहां टैक्सी यूनियन के टैक्सी वालों के लूट-खसोट का शिकार बनना पड़ता है। क्योंकि टैक्सी संचालकों ने एयरपोर्ट के भीतर ही यूनियन बनाकर यात्रियों को लूटने का ठेका लिया हुआ है। यह अब एयरपोर्ट ऑथॉरटी सहित जिला प्रशासन की नाक ने नीचे हो रहा है। हवाई अड्डे से बाहर निकलने के बाद यात्रियों के पास इन टैक्सीवालों के हाथों लूटने के अलावा कोई अन्य विकल्प इसलिए दिल्ली या मुम्बई की तरह नहीं होता क्योंकि यहाँ ये अन्य टैक्सी अथवा कैब संचालकों की गाड़ियों को घुसने ही नहीं देते इनमें देश-दुनिया में कैब का सञ्चालन कर रही ओला अथवा उबर जैसी नामी -गिरामी कंपनियां शामिल हैं। इतना ही नहीं यदि कोई यात्री एयरपोर्ट की सरहद से बाहर आकर कोई टैक्सी मंगवाता है तो टैक्सी यूनियन वाले झुण्ड बनाकर उसके साथ हाथापाई तक करने से नहीं चूकते।  

वहीं यात्रियों का कहना है कि ओला अथवा उबर सहित अन्य टैक्सी संचालकों का जहाँ किराया यहां स्थित टैक्सी यूनियन से काफी कम होता है, जबकि इनका किराया मुंह माँगा होता है जो यात्रियों को मजबूरी में देना पड़ता है। इतना ही नहीं यहाँ पहुँचने वाले यात्रियों के पास ओला अथवा उबर कैब का कोई विकल्प भी यहाँ एयरपोर्ट पर उपलब्ध नहीं है जिससे यात्रियों को इनकी लूट से बचाया जा सके।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर टैक्सी वालों की लूट से यात्रियों को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस की टैक्सी सेवा एयर पोर्ट पर उतरने वाले यात्रियों के लिए वरदान साबित हुई है जिससे यात्रियों का पैसा भी बचता है वहीँ यात्रियों के सुरक्षा की भी गारण्टी होती है क्योंकि इसका सञ्चालन दिल्ली पुलिस द्वारा किया जाता है।  बाहरी देशों अथवा प्रदेशों से देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर अपने गंतव्यों को जाने वाले यात्रियों की मांग है कि यहाँ भी उन्हें प्रतियोगितात्मक दरों पर टैक्सी मिले जिससे उनकी जेब भी कटने से बचे अउ उन्हें अपने गंतव्य तक की यात्रा सुरक्षित महसूस हो।