देहरादून में नाइट कर्फ्यू से बढ़ी शादी वाले घरों के परिजनों की मुसीबत

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देहरादून में नाइट कर्फ्यू से बढ़ी शादी समारोह में आने-जाने वालों को साथ रखना होगा शादी का कार्ड

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

देहरादून: नाइट कर्फ्यू के दाैरान होने वाले शादी समारोह पर अचानक मुसीबत आ गयी है। जैसे ही शादी के दिन नज़दीक आए वैसे ही सरकार ने नाईट कर्फ्यू की घोषणा कर डाली। लेकिन इस बीच एक राहत भरी खबर यह है कि जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देश के तहत ऐसे लोगों को शादी में आने या जाने के दौरान विवाह का निमंत्रण पत्र साथ रखना होगा और चेकिंग के दौरान दिखाना भी होगा। सिनेमाघर-रेस्टोरेंट में क्षमता के सापेक्ष पचास फीसद ग्राहकों की अनुमति होगी जबकि आवश्यक सेवाओं को नाइट कर्फ्य में छूट रहेगी। निर्देशों का उल्लंघन करने पर पुलिस महामारी ऐक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करेगी। पुलिस कार्यालय में शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि शासन स्तर से नाइट कर्फ्यू को लेकर गाइडलाइंस जारी कर दी गई है। बताया कि रात दस बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा।

इस निर्देश के तहत शादी समारोह में अगर कोई रात में जाना चाहता है तो उसे कार्ड साथ रखना होगा। बिना कार्ड बाहर निकले तो कार्रवाई होगी। एडीएम सिटी अतुल कुमार ने बताया कि कोरोना का प्रकोप बढ़ने पर सख्ती की गई है।


जिलाधिकारी के आदेश के तहत अगर कोई व्यक्ति बाहर से वाहन लेकर आता है तो उसके आने पर किसी भी तरह की रोक नहीं होगी। दूध,फल, सब्जियों के वाहनों पर रोकटोक नहीं होगी। स्मार्ट सिटी समेत अन्य सरकारी कार्य में लगे वाहनों के छूट रहेगी। सिनेमाघर, होटल और रेस्टोरेंट पचास फीसद क्षमता के साथ खुलेंगे।

डीएम आशीष कुमार श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि अगर कोई व्यक्ति हवाई यात्रा , ट्रेन व बस से आता-जाता है तो उसे भी नहीं रोका जाएगा। नगर निगम क्षेत्रांतर्गत समस्त दुकानें,होटल, बार, रेस्टोरेंट आदि गतिविधियां रात बजे के बाद संचालित नहीं होंगी।  सिर्फ मेडिकल स्टोर, अस्पताल, पेट्रोल पंप समेत अतिआवश्यक सेवाएं खुले रहेंगे।औद्योगिक गतिविधियां और फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट संचालित रहेंगी। मजदूरों को रात्रि के समय आने-जाने में छूट रहेगी।

सभी को सोशल डिस्टेंस का पालन करना होगा। शादियों में शामिल होने वाले लोगों को अपने साथ शादी का कार्ड और पहचान पत्र (ड्राइविंग लाइसेंस, आधारकार्ड, वोटर कार्ड या अन्य पहचान पत्र) लाना होगा। रात दस बजे बाद दुकानें खुली मिलने और बिना कारण घूमने पर आपदा प्रबंधन ऐक्ट में मुकदमा दर्ज होगा और चालानी कार्रवाई भी होगी। पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर चेकिंग करेगी। शादियों में लोगों की संख्या को लेकर नई गाइडलाइंस नहीं है।

दून में नाइट कर्फ्यू आधारहीनः रविंद्र जुगरान

वहीं आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता रविन्द्र जुगरान ने भाजपा विधायक द्वारा मास्क खरीद में घोटाले और देहरादून में नाईट कर्फ्यू लगाए जाने पर सवाल उठाया है। आज आप पार्टी के प्रदेश कार्यालय में एक प्रेसवार्ता करते हुए जुगरान ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। जुगरान ने बीजेपी विधायक खजानदास द्वारा उठाए गए। मास्क खरीद को लेकर बीजेपी सरकार पर सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश जानता है कि बीजेपी के राज में कई भ्रष्टाचार हुए और अब मास्क खरीद घोटाला सामने आया है, जिसपर खुद राजपुर विधायक खजानदास ने मुख्यमंत्री के सामने ही कई गंभीर सवाल खडे करते हुए भ्रष्टाचार होने के संकेत दिए हैं।

रविन्द्र जुगरान ने कहा कि जिन मास्क की कीमत बाजार में 5 रुपये थी, स्वास्थ्य विभाग ने उन्हीं मास्क को कोरोना काल के दौरान 15 से 16 रुपये में खरीदा। हर विधायक ने अपनी निधि से मुख्यमंत्री राहत कोष में 15.15 लाख रुपये दिए थे लेकिन उन पैसों की कैसे बंदरबांट हुई विधायक ने खुद ही इसको उजागर कर दिया है। बताया कि नगर निगम द्वारा भी कोरोना काल में मंहगी दरों पर सोडियम हाइपोक्लोराइड खरीदा गया जिसका दाम बाजार मूल्य से 5 गुना अधिक था। 12 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला सोडियम हाइपोक्लोराइड 60 रुपये की दर से खरीदा गया। जिसमें लाखों रुपये का हेरफेर किया गया। लेकिन वो जांच भी ठंडे बस्ते में धूल फांक रही है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं कोविड सैंटर में काम करने वाले बच्चों ने कोरोना काल में मेहनत से अपना काम किया तो सरकार उनका मानदेय बढ़ाने के बजाय उनको नौकरी से हटाने पर आमादा है। ये राज्य का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि भ्रष्टाचार करने वालों पर मेहरबानी और मेहनत करने वालों को सजा दी जाती है।

उन्होंने भारत सरकार पर सवाल खडे करते हुए कहा कि हमारे देश में कई राज्यों में सिर्फ दो से तीन दिन की कोरोना वैक्सीन का स्टॉक शेष है लेकिन दूसरी ओर भारत सरकार पाकिस्तान को करोड़ों वैक्सीन किस आधार पर दे रही है। जबकि हमारे देश में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी लोगों की लंबी लंबी कतारें वैक्सीन के लिए लग रही हैं। उन्होंने नाइट कर्फ्यू पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि नाईट कर्फ्यू का राजधानी में कोई औचित्य नहीं ंहै। उन्होंने बताया कि देहरादून में महज एक प्रतिशत लोग ही रात को बाहर रहते हैं। जबकि दिन के वक्त लगभग सभी लोग घरों से बाहर रहते हैं। इसलिए सरकार को चाहिए कि वो अन्य राज्यों की तरह नकल करना बंद करे क्योंकि नाईट कर्फ्यू वहां लगाया जाना मुनासिब है जहां रात में लोग घरों से बाहर निकलते हों और इस तरह से लोगों में महामारी को लेकर एक खौफ बन जाएगा जो यथोचित नहीं है। देहरादून में ये कर्फ्यू आधारहीन है।

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