लापरवाही : खेड़ागाड़ गांव में सड़क के मलबे में दबा मकान,दफ़न हुए तीन जिंदा

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भाई-बहन सहित तीन मकान के मलवे में हुए जिंदा दफन

खेड़ागाड में  एनएच-94 का पुश्ता मकान पर ढहा

 दो मंजिला भवन मलबे की चपेट में आया

देवभूमि मीडिया ब्यूरो  

जिलाधिकारी ने दिये मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश 

एनएच-94 पर खेड़ागाड़ में सुबह तड़के चार बजे हुये इस घटना में तीन लोग के मलबे में दबकर करने की घटना को लेकर डीएम मंगेश घिल्डियाल ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिये हैं।
जांच अधिकारी एसडीएम युक्ता मिश्र को बनाते हुये तकनीकी कारणों की जांच के लिए लोनिवि ईई मौहम्मद आरिफ, पीएमजीएसवाई ईई आरबी तिवारी व ईई सिंचाई विभाग कमल सिंह को नामित किया है।
जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर डीएम ने तलब करने के निर्देश दिये हैं। 
देहरादून : उत्तराखंड में हो रही बारिश के चलते शुक्रवार तड़के चार बजे ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग (एनएच-94) का भारी-भरकम पुश्ते के मकान के ऊपर ढहने से टिहरी जिले के नरेंद्र नगर ब्लॉक के खेड़ागाड़ गांव में मकान मलबे में दब गया। मलबे की चपेट में आये मकान में तीन लोग दब कर जिन्दा दफ़न हो गए। मकान मालिक धर्म सिंह नेगी ने मलबे से किसी तरह निकलकर अपनी जान बचाई।  
घटना तड़के 4 बजे की है। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंच पुलिस-प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने सुबह पांच बजे ही रेसक्यू शुरू कर दिया था। लगातार के रेसक्यू कर दोहपर तक तीनों शवों को मलबे से निकाला जा सका। घटना से नाराज ग्रामीणों ने एनएच पर घटिया निर्माण का आरोप लगाते हुये रोष जाहिर कर सांकेतिक जाम भी एनएच पर लगाया।
डीएम मंगेश घिल्डियाल ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिये हैं। घटना की सूचना पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल व पूर्व विधायक ओम गोपाल भी मौके पर पहुंचे। शवों का पीएम नरेंद्रनगर में किया गया। 
मलबे की चपेट में आने से किसी तरह से शिक्षा विभाग में कार्यरत मकान स्वामी धर्म सिंह नेगी, जो एक कमरे में सो रहे थे ने अपनी जान मलबे के बीच से निकलकर किसी तरह से बचाई, लेकिन मकान के ढहने से मलबे में दूसरे कमरे में सो रहे धर्म सिंह नेगी का पुत्र अंकित (18), बेटी बिनीता (25) व साढू भाई कमल सिंह की पुत्री नीलम (23) मकान के भीतर ही मलबे  में दब गये।
ग्रामीणों ने मलबे से मकान दबने की सूचना किसी तरह से  पुलिस-प्रशासन को दी। पुलिस-प्रशासन एसडीआरएफ टीम के साथ सुबह पांच बजे घटना स्थल पर पहुंचे। जहां पर एसडीआरएफ व जेसीबी की मदद से रेसक्यू का काम शुरू किया गया। सुबह से दोपहर तक भारी मशक्कत से चले रेसक्यू के बाद तीनों शवों का मलबे से बाहर निकाला जा सका। रेस्क्यू के दौरान एसडीएम युक्ता मिश्र, सीओ प्रमोद शाह, एसओ मनीष उपाध्याय सहित मौजूद रहे।