राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार-2019 : अंधाधुन को मिला बेस्ट हिंदी फ़िल्म अवॉर्ड

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देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

नई दिल्ली : 66वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों की घोषणा हो चुकी है। राजधानी दिल्ली के शास्त्री भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में इन पुरस्कारों की घोषणा की गई।

साल 2018 के लिए दिए जाने वाले राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों में हिंदी भाषा में सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का ख़िताब अंधाधुन को मिला है। वहीं सर्वश्रेष्ठ फ़ीचर फ़िल्म का पुरस्कार गुजराती फ़िल्म हेल्लारो को मिला।

अंधाधुन फ़िल्म का निर्देशन श्रीराम राघवन ने किया है, साथ ही फ़िल्म में आयुष्मान खुराना, राधिका आप्टे और तब्बू ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।

इसके अलावा सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दो अभिनेताओं के बीच साझा किया गया। फ़िल्म ‘अंधाधुन’ के लिए आयुष्मान खुराना और ‘उड़ीः द सर्जिकल स्ट्राइक’ के लिए विक्की कौशल को यह पुरस्कार दिया गया।

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के तौर पर इस बार तेलुगू फ़िल्म ‘महानटी’ की अभिनेत्री कीर्ति सुरेश को चुना गया।
आयुष्मान खुराना ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने के बाद खुशी ज़ाहिर की और कहा कि यह पुरस्कार उनकी मेहनत का परिणाम है।

उन्होंने कहा, ”मेरी जिन दो फ़िल्मों ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है वो दोनों ही लीक से हटकर बनी हुई फ़िल्में थीं। मैं हमेशा ऐसी फ़िल्में करना चाहता हूं।”

फ़िल्म उड़ी ने सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार भी अपने नाम किया है। इस फ़िल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया है।

आदित्य धर ने इस पुरस्कार को जीतने के बाद कहा कि 15 साल तक लगातार असफलता देखने के बाद उन्हें यह बड़ी कामयाबी मिली है। उन्होंने अपना पुरस्कार देश के सैनिकों को समर्पित किया है।
जहां तक सहायक भूमिकाओं की बात है तो उसमें सहायक अभिनेता का पुरस्कार स्वानंद किरकिरे को मराठी फ़िल्म चुंबक के लिए मिला है।

जबकि सहायक अभिनेत्री का पुरस्कार सुधा सीकरी को मिला। उन्हें यह पुरस्कार हिंदी फ़िल्म बधाई हो के लिए दिया गया।

सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का पुरस्कार पद्मावत फ़िल्म के लिए संजय लीला भंसाली ने जीता है।

वहीं सर्वश्रेष्ठ गायक का पुरस्कार अरिजीत सिंह ने जीता है। उन्हें भी पद्मावत के लिए यह पुरस्कार मिला है।

वहीं फ़िल्म के लिए सबसे अनुकूल राज्य का पुरस्कार उत्तराखंड ने जीता है।