• संघ से भाजपा की मांग कि उन्हें चाहिए एक दर्जन तेजतर्रार प्रचारक

  • विजयवाड़ा में गुरुवार से शुरू हो रही है तीन दिवसीय बैठक

  • उत्तराखंड सहित कई अन्य प्रदेशों को मिलेंगे नए संगठन महामंत्री !

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

वर्ष में पूर्व नियत केवल तीन बैठकें ही करता है संघ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS हर साल देशभर में तीन प्रमुख बैठकें करता रहा है। संघ के कार्यक्रम विवरणी के अनुसार संघ मार्च के महीने में सामान्य बैठक करता है जिसे अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक कहा जाता है। इस बैठक में संघ नीतिगत फैसलों निर्णय करता है। वहीं इस बैठक के बाद संघ (RSS ) की जुलाई माह में एक बैठक होती है जिसमें संघ अनुसांगिक 35 संगठनों के प्रचारकों को इस बैठक में शामिल करता है और संघ की दृष्टि से इस बैठक को काफी अहम् मन जाता है क्योंकि इसी बैठक में प्रचारकों और पदाधिकारियों के कार्यक्षेत्र पर चर्चा और प्रदर्शन के लिहाज़ के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन और स्थानान्तरण किया जाता है। इसके अलावा संघ की तीसरी बैठक दीपावली के आसपास होती है।

देहरादून : भारतीय जनता पार्टी संगठन में तेजतर्रार प्रचारकों को शामिल करने के बाद पार्टी में नए चेहरे नज़र आ सकते हैं। भाजपा के सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से एक दर्जन तेज़ तर्रार प्रचारकों की मांग की है ताकि पार्टी के प्रति समर्पित लोग और संगठनात्मक स्तर पर चुस्ती देखी जा सके। क्योंकि वर्तमान में संगठन में कई ऐसे लोग पदाधिकारी बन चुके हैं जिनके चाल, चरित्र और चेहरे के चलते कई बार पार्टी अपने आपको असहज महसूस करती रही है। जबकि पार्टी ने इस दौरान जहाँ बड़े पैमाने के साथ जनता के बीच अपनी पैठ बनाई है लेकिन ऐसे पदाधिकारियों के कारण वह वो प्रदर्शन नहीं कर पायी है जिसकी उम्मीद की जा रही है । इतना ही सूत्रों का यह भी कहना है पार्टी को ये एक दर्जन प्रचारक इस लिए भी चाहिए कि वर्तमान में कुछ पदाधिकारियों की धींगा-मुश्ती और अपने को पद पर बैठाने की हिलारे मार रही चाह के चलते कई बार पार्टी के लिए समर्पित और अच्छे कार्यकर्ता उस पर तक पहुँचने से वंचित होते रहे हैं।
वहीं भाजपा को संघ द्वारा एक दर्जन प्रचारक मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि पार्टी संगठन में बड़े बदलाव नज़र आयेंगे।

भाजपा सूत्रों के अनुसार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित प्रधानमंत्री मोदी की इस सम्बन्ध में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत से इस बारे में गहन मंत्रणा भी हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार पार्टी को मिलने वाले इन एक दर्जन प्रचारकों को कई प्रदेश संगठनों से लेकर राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, इनमें से किसी एक को उत्तराखंड सहित एनी राज्यों में संगठन महामंत्री भी बनाया जा सकता है क्योंकि उत्तराखंड में तैनात पूर्व संगठन महामंत्री को यौन शोषण के आरोपों के चलते पहले ही हटाया जा चुका है तब से प्रदेश में यह पद खाली चल रहा है।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विजयवाड़ा में 11 जुलाई (गुरुवार)से शुरू होने वाली तीन दिवसीय यह बैठक शनिवार सायं तक चलेगी। बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत के अलावा लगभग 300 वरिष्ठ स्वयं सेवक अधिकारी और प्रचारक इस बैठक में हिस्सा लेंगे।

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