शोभा यात्रा के साथ नंदादेवी महोत्सव का हुआ समापन

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कोरोना महामारी के चलते  पहली बार डोले की शोभायात्रा में गिने चुने लोग ही हुए शामिल 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो
अल्मोड़ा। मां नंदा सुनंदा के डोले की शोभा यात्रा के साथ नंदादेवी महोत्सव का समापन हो गया। कोरोना महामारी के कारण पहली बार डोले की शोभायात्रा में गिने चुने लोग ही शामिल हुए। रास्ते में भी डोले के दर्शन के लिए कम ही लोग पहुंचे थे। इस दौरान लोगों ने बालकनी और छतों पर आकर मां नंदा सुनंदा के दर्शन किए। कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा भी की। जबकि बीते वर्षों में इस दिन पूरा शहर उमड़ पड़ता था।
आसपास के गांवों से भी सैकड़ों की संख्या में लोग मां के दर्शन के लिए पहुंचते थे। नंदादेवी मंदिर प्रांगण से डोले की शोभा यात्रा प्रारंभ होने से पहले मां नंदा-सुनंदा की आरती की गई। उसके बाद शाम करीब चार बजे शंख ध्वनि के साथ ही डोले की शोभायात्रा निकली गई। विभिन्न मार्गों से होकर डोला सबसे पहले जीजीआईसी परिसर के निकट स्थित मां भगवती मंदिर के सामने माल रोड में रोका गया और यहां से परंपरा के अनुसार नंदा सुनंदा को मंदिर के दर्शन कराए गए। इसे भगवती मंदिर को मां का मायका भी कहा जाता है। 
मालरोड से डोले की शोभायात्रा सीढ़ी बाजार होकर कचहरी बाजार, जौहरी बाजार, गंगोला मोहल्ला, थाना बाजार, पल्टन बाजार और सर्किट हाउस होते हुए दुगालगोला स्थित नौले पर पहुंची। यहां मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इससे पहले सर्किट हाउस में चंद राज परिवार के लोगों ने मां नंदा सुनंदा को विदाई दी।  
गौरतलब हो कि इस साल मूर्तियों का वजन कम करने के लिए मूर्तियों का आकार और वजन भी काफी कम किया गया था ताकि कम लोग भी डोले को आसानी से घुमा सकें। शोभा यात्रा में मंदिर समिति के पदाधिकारियों सदस्यों, जन प्रतिनिधियों सहित करीब 40-50 लोग ही शामिल थे। शोभा यात्रा में छोलिया नर्तकों का दल भी शामिल था और काफी संख्या में पुलिस कर्मी आगे पीछे चल रहे थे।
डोले की शोभा यात्रा में युवराज नरेंद्र चंद, रानी कमाक्षी, सांसद अजय टम्टा, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल, मंदिर समिति अध्यक्ष मनोज वर्मा, उपाध्यक्ष धन सिंह मेहता, मुख्य संयोजक मनोज सनवाल, राज पुरोहित नागेश पंत, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री बिट्टू कर्नाटक,  तारा चंद्र जोशी, अनुज शाह, मुन्ना वर्मा, अमरनाथ नेगी, हरीश बिष्ट, दिनेश गोयल, किशन गुरुरानी, अर्जुन सिंह बिष्ट, दिपेश जोशी, मुख्य पुजारी लीलाधर जोशी, तारा दत्त जोशी, हरीश चंद्र जोशी आदि शामिल थे।