एमएसएमई को नए तरीके से परिभाषित करने से होगा राज्य का विकास

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उत्तराखंड के  सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को मिलेगा लाभः मुख्यमंत्री 

आत्मनिर्भर पैकेज के तहत एमएसएमई सेक्टर के लिए केंद्र ने किए कई प्रावधानः त्रिवेंद्र सिंह रावत

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

देहरादून : सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों में निवेश की सीमा में वृद्धि की गई है। अब संयंत्र व मशीनरी में एक करोड़ रुपये तक निवेश और पांच करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले उद्यम, सूक्ष्म उद्योग की श्रेणी में आएंगे। इसी प्रकार 10 करोड़ रुपये तक निवेश और 50 करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले उद्यम, लघु उद्यम की श्रेणी में आएंगे। वहीं 50 करोड़ रुपये तक निवेश और 250  करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले उद्यम मध्यम उद्यम की श्रेणी में आएंगे।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में एमएसएमई सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका है। रोजगार सृजन का प्रमुख स्रोत है। केंद्र सरकार ने एमएसएमई को नए तरीके से परिभाषित करने से राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को लाभ होगा, जिसका सकारात्मक प्रभाव राज्य के विकास पर पड़ेगा।
आत्मनिर्भर पैकेज के तहत एमएसएमई सेक्टर के लिए केंद्र सरकार ने कई प्रावधान किए हैं। भारतीय उद्योग जगत अपना विस्तार कर सकें और आवश्यक सुविधाएं प्राप्त कर सके, इसलिए एमएसएमई सेक्टर का नया वर्गीकरण किया गया। इसमें निवेश की सीमा को बढ़ाया गया और टर्नओवर को भी इसके मानक के रूप में लिया गया है।