पहाड़ों में एक बार फिर शराब के खिलाफ एकजुट हो रही महिलाएं 

देहरादून : शराब के खिलाफ महिलाओं का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। रुद्रप्रयाग, चमोली के अलावा उत्तरकाशी जिले में भी आंदोलित महिलाओं ने धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन को इन शराब के ठेकों को बंद करने की चेतावनी दी। मखेत व घरडा ग्राम की आक्रोशित महिलाओं ने मयाली में खोली गई शराब की दुकान के बाहर दरांती के साथ प्रदर्शन कर धरना दिया।

गौरतलब हो कि टिहरी जिले में गत 30 मई को जिले में लाटरी के माध्यम से शराब की दुकानों का आवंटन हो चुका है। इसके तहत प्रशासन ने गुरुवार से चयनित सभी स्थानों पर नई शराब की दुकानों के संचालन की अनुमति दी गई थी। मयाली में महाविद्यालय के पास जैसे ही अंग्रेजी शराब की दुकान खोले जाने की खबर मखेत व घरडा गांव की महिलाओं को लगी, वह बड़ी संख्या में दरांती लिए शराब की दुकान पर पहुंच गई। महिलाओं ने शराब के दुकानों के सामने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से शीघ्र ही यहां से शराब की दुकान हटाने की मांग की।

आंदोलनरत महिलाओं ने कहा कि क्षेत्र में शराब की दुकान खुलने से इसका प्रभाव हमारे आने वाली पीढि़यों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शराब की दुकान महाविद्यालय के पास होने से कालेज में पढ़ने वाले युवाओं पर इसका गलत प्रभाव पड़ेगा। वहीँ महिलाओ ने दुकान के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर मयाली-घनसाली मार्ग पर सुबह ग्यारह से बारह बजे तक सांकेतिक चक्काजाम भी किया। इस क्षेत्र में गत 31 मार्च के बाद वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद से महिलाओं ने क्षेत्र में दो माह तक शराब की दुकान का संचालन नहीं होने दिया है। दुकान की शिफ्टिंग  को लेकर मयाली के साथ ही जखोली में भी महिलाओं ने शराब की दुकान का संचालन नहीं होने दिया। महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी।

धरना देने वालों में विमला, देवी, सरोज काला, राजेश्वरी देवी, कमला देवी, सरोजनी राणा, कल्पेश्वरी देवी, सावित्री देवी, उषा रावत, पार्वती देवी, अषाड ¨सह समेत कई लोग उपस्थित थे।

भटवाड़ी में प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी

वहीँ उत्तरकाशी के भटवाड़ी में पिछले छह महीने से बंद चल रही शराब की दुकान को जिला प्रशासन की ओर से दोबारा खोले जाने के विरोध में भटवाड़ी क्षेत्र की महिलाएं तहसील परिसर आ धमकी। परिसर में महिलाओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा धरना दिया। आक्रोशित महिलाओं ने क्षेत्र में शराब की दुकान न खोलने की मांग को लेकर नायब तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा।

आक्रोशित महिलाओं ने कहा कि शराब की दुकान खुलने से युवा पीढ़ी नशे की ओर जा रही है। जिससे क्षेत्र का वातावरण खराब हो रहा है। यदि शासन-प्रशासन जोर जबरदस्ती से शराब की दुकान खुलवाता है, तो इसके लिए उग्र आंदोलन किया जाएगा। शराब बंदी के समर्थन में उतरे चारधाम परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष सूरतराम नौटियाल ने कहा कि शराब बंदी को लेकर महिलाओं को पूर्ण समर्थन दिया जाएगा और शराब का पुरजोर विरोध होगा।

मौके पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष घनानंद नौटियाल, राघवानंद नौटियाल, विपिन राणा, अंबीका देवी, श्यामा देवी, पुष्पा देवी, मूर्तिश्वरी देवी, विनीता देवी, दशरथी देवी, नगीना देवी, शाकुंबरी, ललीता, विषमंबरी, उषा, मंगलदेई, राखी, अन्नपूर्णां, देवेश्वरी आदि मौजूद थे।