New Delhi: Prime Minister Narendra Modi presenting a book to President of Kyrgyzstan Almazbek Sharshenovich Atambayev during their joint statement at Hyderabad House in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Subhav Shukla(PTI12_20_2016_000153B)

PM Modi’s Interview…..

नई दिल्ली, आइएएनएस। अनुच्छेद 370 की समाप्ति समेत कई बड़े फैसले लेने के साथ नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपनी दूसरी पारी में 75 दिन पूरे कर लिए हैं। कश्मीर समेत तमाम अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री ने समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में खुलकर अपनी राय रखी। वह कहते हैं, सरकार ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों में ही अभूतपूर्व रफ्तार से काम किया है और इस दौरान स्पष्ट नीति और सही दिशा का प्रदर्शन किया है।

मोदी ने बताया- एक मजबूत शासन क्या कर सकता है

वह अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहते हैं, बच्चों की सुरक्षा से लेकर चंद्रयान-2 अभियान तक, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से लेकर मुस्लिम महिलाओं को तत्काल तीन तलाक की कुप्रथा से आजादी दिलाने तक, कश्मीर से लेकर किसान कल्याण तक सरकार ने दिखाया है कि एक मजबूत शासन क्या कर सकता है।

आतंकवादियों के हमदर्द  कर रहे हैं 370 का विरोध : मोदी 

प्रधानमंत्री से जब पूछा गया कि अनुच्छेद 370 को लेकर इतना बड़ा फैसला कैसे लिया गया और कैसे आप मानते हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोग आपके साथ खडे़ होंगे, उन्होंने बिना किसी देरी के जवाब दिया-आप कृपया इस फैसले का विरोध करने वाले लोगों की सूची देखिए। वही लोग विरोध कर रहे हैं जिनके अपने हित हैं, जो राजनीतिक विरासत वाले हैं, जो आतंकवादियों के हमदर्द हैं और कुछ विपक्षी मित्र भी। भारत के लोगों ने इस फैसले का समर्थन किया है-भले ही उनकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो। यह देश का सवाल है, राजनीति का नहीं। लोग समझ रहे हैं कि आज वे कड़े फैसले लिए जा रहे हैं जो देश के लिए जरूरी हैं और जिन्हें पहले लिए जाने से बचा जाता था।

स्थानीय युवकों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

जम्मू-कश्मीर के लोगों को विकास से वंचित रखा गया था। आर्थिक अवसर नहीं बढ़ सके थे। आज विकास को एक अवसर देने की बारी है। आज बीपीओ से लेकर स्टार्ट-अप तक, खाद्य प्रसंस्करण से लेकर पर्यटन तक कई उद्योग निवेश के लिए आगे आने के लिए तैयार हैं और इससे निश्चित ही स्थानीय युवकों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। अनुच्छेद 370 और 35 ए एक बेड़ी की तरह थे, जिन्होंने लोगों को बांध रखा था।

जनादेश के साथ जीतने पर बढ़ी हैं देशवासियों की अपेक्षाएं 

मोदी 2.0 की और अधिक व्याख्या करते हुए पीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने जलशक्ति मंत्रालय बनाकर पेयजल की उपलब्धता और जल संरक्षण के लिए बड़ी पहल की है। क्या दूसरी बार बड़े जनादेश के साथ जीतने के बाद अपेक्षाएं बढ़ गई हैं, इस सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा-हां, एक हद तक। एक तरह से यह पहले कार्यकाल में किए गए कार्यो का प्रतिफल भी है। हम इस बार पहले 75 दिनों में इतना अधिक काम इसीलिए कर सके हैं, क्योंकि पहले कार्यकाल में इस सबकी बुनियाद बना दी गई थी।

देश का समर्थन इरादे हों सही और उद्देश्य हो स्पष्ट तो मिलता है

17वीं लोकसभा का पहला सत्र कामकाज के लिहाज से एक रिकार्ड रहा है। यह कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। हमें खुशी है कि हम तमाम बड़ी योजनाएं शुरू कर सके, जैसे कि किसानों और व्यापरियों के लिए पेंशन स्कीम, मेडिकल क्षेत्र में सुधारों की शुरुआत, इन्सालवेंसी और बैंकरप्सी कोड में अहम संशोधन, श्रम सुधारों की शुरुआत आदि। यह सूची लंबी है। मूल बात यह है कि जब इरादे सही होते हैं और उद्देश्य की स्पष्टता होती है और लोगों का समर्थन होता है तो उपलब्धियों की कोई सीमा नहीं रह जाती।

मेडिकल शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोका

जब उनसे पूछा गया कि जो बदलाव किए गए हैं उनके पीछे पूरा विचार-विमर्श किया गया तो प्रधानमंत्री ने कहा, जब हमने 2014 में सरकार बनाई थी तो मेडिकल शिक्षा के ढांचे को लेकर तमाम चिंताएं जताई गई थीं, कोर्ट ने भी मेडिकल शिक्षा की निगरानी करने वाली संस्थाओं को लेकर कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया था और इसे भ्रष्टाचार का गढ़ बताया था। एक संसदीय समिति ने पूरे सिस्टम का गहन अध्ययन किया और कुप्रबंधन की समस्या को समझा। पहले की सरकारों ने भी इस क्षेत्र में सुधारों की पहल की थी, लेकिन वे आगे नहीं बढ़ सकीं। हमने नेशनल मेडिकल कमीशन के रूप में एक संस्था की शुरुआत की है, जो इस क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।

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