देहरादून। राज्य की त्रिवेन्द्र रावत सरकार मंत्रीमंडल में विभागों के बंटवारे को लेकर जंग छिड़ चुकी है। बीते शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूद्गी में मंत्री पदों की शपथ लेने वाले दो राज्य मंत्रियों एवं सात कैबिनैट मंत्रियों के विभाग बंटवारे को लेकर दिल्ली दरबार में मंथन तेज हो गया है। किसको कौन-कौन से विभाग मिलेंगे, यह अभी समय के गर्भ में ही छिपा हुआ है, लेकिन सतपाल महाराज तथा डॉ हरक सिंह रावत को कई मलाईदार विभाग सौंपे जाने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री बनने से महरूम रहने वाले सतपाल महाराज को भाजपा आलाकमान महत्वपूर्ण विभाग देने की तैयारियों में जुटा नजर आ रहा है। ऐसा समझा जा रहा है कि महाराज बड़ी मशक्कत के बाद मुख्यमंत्री के पद वाले मोह को छोडऩे के लिए राजी हुए थे। बताया जा रहा है कि इसकी एवज में उन्हें कुछ मलाईदार विभाग देने पर रजामंदी हो पाई थी। यही कारण है कि सतपाल महाराज के राजनैतिक कद एवं काठी को देखते हुए उन्हें अच्छे विभाग देने पर चर्चा हो रही है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि महाराज को लोक निर्माण विभाग के साथ ही उर्जा मंत्री का जिम्मा भी सौंपे जाने की तैयारी चल रही है।

वहीं दूसरी ओर, डॉ हरक सिंह रावत को दिये जाने वाले मंत्रालय पर भी विशेष ध्यान दिये जाने की खबरें सामने आ रही हैं। कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में अपना बेहतर राजनैतिक कैरियर देखने वाले डॉ हरक सिंह रावत को कृषि मंत्रालय देने की तैयारी बताई जा रही है। महाराज व रावत के अलावा कांग्रेस के रहे तीसरे बड़े बागी यशपाल आर्य के लिए भी बड़ा सम्मानजनक ओहदा तलाशा जा रहा है।