महापौर सुनील उनियाल गामा गामा ने रखी देहरादून के विकास की आधारशिला

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महापौर के करिश्माई एवं दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से परेशान हैं विरोधी 

राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में देहरादून 260 अंकों की एक लंबी छलांग लगाकर 4242 शहरों में दून को मिला 124वां स्थान

देवभूमि मीडिया ब्यूरो
देहरादून : उत्तराखंड के सबसे बड़े नगर निगम देहरादून के महापौर सुनील उनियाल गामा ने अपने एक साल आठ माह के कार्यकाल में कई उपलब्धियां हासिल की। यह संभव हो पाया महापौर के करिश्माई एवं दूरदर्शी नेतृत्व की वजह से। उनकी विकासवादी स्पष्ट सोच ईमानदार कार्याशैली ने दून के विकास की नई आधारशिला रख दी है।
महापौर के पद पर कार्यभार संभालते ही उनके सामने चुनौतियों का अंबार था। जिसको पार पाना आसान नहीं था। लेकिन महापौर गामा इस चुनौती को एक विजन के रुप में लिया। जहाँ एक ओर दून की सड़कों पर जगह जगह गंदगी के ढेर, सड़कों पर बिखरी पॉलिथीन दिखाई देती थी,नालियों के चोक होने की शिकायतें, चरमराती विद्युत व्यवस्था, बाजारों में अतिक्रमण जैसी समस्याओं से पार पाना, नये वार्डों की मूलभूत समस्याओं की कमी को दूर करना ,वित्तीय संकट से जूझ रहे निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना ,बहुत बड़ी चुनौती उनके सामने थी।
महापौर गामा ने एक विजन के अनुरुप इन चुनौतियों पर काम शुरु किया। जिसका परिणाम अब दिखाई देने लगा है। स्वच्छ दून सुन्दर दून उनका संकल्प था ,जिस पर आगे बढते हुए उन्होंने 5 नवम्बर 2019 को प्लास्टिक के विरुद्ध एक ऐतिहसिक मानव श्रृंखला बना कर इतिहास रचा और दूनवासियों ने उनके कार्य में भरपूर साथ दिया। परिणाम स्वरुप आज राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में देहरादून 260 अंकों की एक लंबी छलांग लगाकर 4242 शहरों में दून को 124वां स्थान मिला। यह उनकी बहुत बड़ी उपलब्धि है।
दून की सड़कों से प्लास्टिक में 80 फीसदी की कमी देखने को मिली, देहरादून वासियों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए गाधी पार्क में ओपन एयर स्मार्ट जिम का निर्माण किया। ऐसे जिम सभी वार्डों में बनाने की उनकी योजना है । सभी वार्डों में विकास कार्य तेजी से निगम द्वारा चलाये जा रहे हैं। स्वच्छता समितियों का सभी वार्डों में गठन किया गया ।
निगम ने पहली बार हाऊस और कमर्शियल टैक्स वसूलने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना ।पिछले सभी रिकार्ड को ध्वस्त करते हुए चार गुना टैक्स निगम द्वारा वसूला गया। ऐसे बड़े बड़े मॉल,स्कूल संस्थानः से कर वसूल किया गया जो अभी तक नहीं देते थे ये महापौर गामा की कार्याकुशलता से ही संभव हो पाया। आज निगम डिजिटल हो गया। लोग ऑन  लाइन टैक्स पेड कर रहे हैं। पल्टन बाजार और उसके आसपास अतिक्रमण मुक्त किया गया। घंटाघर का सौन्दर्यकरण का कार्य चल रहा है ।
कोरोनाकाल में सभी जगह सैनिटाइजेशन के साथ जरुरतमंदों के साथ महापौर मददगार बने हैं । पूरे दून में 65000एल इ डी लगाई गई हैं। निगम द्वारा जनहित को ध्यान में रखते हुए १०सामुदायिक भवन बनाये जा रहे हैं ऐसे बहुत सारे जनहित के कार्य नगर निगम द्वारा किये जा रहे हैं।
जिससे महापौर सुनील उनियाल गामा की लोकप्रियता का ग्राफ दिनों दिन बढता जा रहा है जिसको कुछ लोग हजम नहीं कर पा रहे हैं और ऐसे कुंठित मानसिकता के लोग सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी छवि को धूमिल करना चाहते हैं इनमें एक ऐसे लोगों का गैंग है जिनकी भ्रष्टाचार की दुकानों पर ताला लग चुका है तो कुछ लोग जो आज तक निगम का टैक्स अदा नहीं करते थे। महापौर के आक्रामक अंदाज से उनको अब टैक्स देना पड़ रहा है, जिससे ऐसे लोग उनके खिलाफ मुहिम चला रहे हैं लेकिन जनता महापौर के साथ है इससे उनकी कार्याशैली पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा ।