नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में हुनर हाट में भाग लेने वाले शिल्पकारों की प्रेरणादायी कहानियां भी साझा कीं। उन्होंने हुनर हाट से संबंधित अपने दौरे का उल्लेख करते हुए जनता से हुनर हाट जैसे कार्यक्रमों में शामिल होने का आह्वान किया।

‘मन की बात 2.0’ की 9वीं कड़ी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले दिल्ली में हुनर हाट में एक छोटी सी जगह में हमारे देश की विशालता, संस्कृति, परम्पराओं, खानपान और जज्बातों की विविधताओं के दर्शन किए। वहां प्रदर्शित पारंपरिक वस्त्र, हस्तशिल्प, कालीन, बर्तन, बांस और पीतल के उत्पाद, पंजाब की फुलकारी, आंध्र प्रदेश के शानदार चमड़े के काम, तमिलनाडु की खूबसूरत चित्रकारी, उत्तर प्रदेश के पीतल के उत्पाद, भदोही की कालीन, कच्छ के तांबे के उत्पाद, अनेक संगीत वादय यंत्र, अनगिनत बातें, समूचे भारत की कला और संस्कृति की झलक वाकई अनोखी ही थी।”

प्रधानमंत्री ने हुनर हाट में भाग लेने वाले शिल्पकारों की प्रेरणादायी कहानियां भी साझा कीं। उनमें से एक कहानी एक दिव्यांग महिला की थी। प्रधानमंत्री ने कहा, “उन्होंने मुझे बताया कि पहले वह फुटपाथ पर अपनी पेंटिंग बेचती थीं। लेकिन हुनर हाट से जुड़ने के बाद उनका जीवन बदल गया। आज वह ना केवल आत्मनिर्भर है बल्कि उन्होंने खुद का एक घर भी खरीद लिया है।”

उन्होंने कहा कि हुनर हाट कला के प्रदर्शन के लिए एक मंच तो है ही साथ-ही-साथ यह लोगों के सपनों को भी पंख दे रहा है। “यह एक ऐसी जगह है जहां इस देश की विविधता की अनदेखी करना असंभव ही है। यहां शिल्पकला के अलावा भारत के खान-पान की विविधता भी प्रदर्शित की गई है।”

प्रधानमंत्री ने जनता से ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने का अनुरोध करते हुए कहा, “भारत के हर हिस्से में ऐसे मेले और प्रदर्शिनियों का आयोजन होता रहता है। जब भी मौका मिले भारत को जानने के लिए, भारत को अनुभव करने के लिए इनमें जरूर जाना चाहिए। इस तरह आप ना सिर्फ देश की कला और संस्कृति से जुड़ेंगे, बल्कि आप देश के मेहनती कारीगरों, विशेषकर महिलाओं की समृद्धि में भी अपना योगदान दे सकेंगे।”