पुरुष कर्मचारी भी ले सकते हैं अब महिला कर्मचारियों की तरह बच्चों की देखरेख के लिए छुट्टी

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एकल पुरुष अभिभावक :  ऐसे कर्मचारी शामिल हैं जो अविवाहित, विधुर या तलाकशुदा

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून : देश के सरकारी कर्मचारी भी अब महिला कर्मचारियों की तरह बच्चों की देखभाल के लिए छुट्टी ले सकते हैं, मोदी सरकार ने देश के कर्मचारियों के जीवन को आसान बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। बशर्ते ऐसे कर्मचारी एकल पुरुष अभिभावक में ऐसे कर्मचारी शामिल हैं जो अविवाहित, विधुर या तलाकशुदा हों।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसे सरकारी पुरुष कर्मी अब बच्चों की देखरेख संबंधी छुट्टी लेने के हकदार हैं, जो एकल अभिभावक हैं। उन्होंने कहा कि एकल पुरुष अभिभावक में ऐसे कर्मचारी शामिल हैं जो अविवाहित, विधुर या तलाकशुदा हैं।’
उन्होंने कहा कि यह सरकारी कर्मचारियों के जीवन को आसान बनाने के लिए यह एक बड़ा सुधार कदम है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आदेश कुछ दिन पहले जारी किया गया, लेकिन किसी वजह से यह ज्यादा चर्चा में नहीं आ पाया। कार्मिक राज्य मंत्री के हवाले से एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि चाइल्ड केयर लीव पर एक कर्मचारी अब सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के साथ हेड क्वार्टर छोड़ सकता है।
बयान में कहा गया है कि लीव ट्रेवल कंसेशन (LTC) का भी कर्मचारी लाभ उठा सकते हैं, भले ही वह चाइल्ड केयर लीव पर हों। छुट्टी लेने वाले पुरुष कर्मचारी को पहले 365 दिन 100 फीसद वेतन दिया जाएगा और अगले 365 दिन 80 फीसद वेतन मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने एक और सुधार के बारे में बताते हुए कहा कि अब दिव्यांग बच्चों की देखभाल के लिए कोई सरकारी कर्मचारी कभी भी चाइल्ड केयर लीव ले सकता है। पहले इसके लिए बच्चे की अधिकतम उम्र सीमा 22 वर्ष तय की गई थी।