लॉक डाउन में हूटर बजाकर शहर भ्रमण पर निकले थे नेताजी

सत्ता के मद में चूर होकर लॉक डाउन तोड़ दिया नेताजी ने

देवभूमि मीडिया ब्यूरो

रुड़की। कोरोना को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन है। पर भाजपा के ये नेताजी सत्ता के मद में इतना चूर हैं कि लॉकडाउन इनके लिए कोई मायने नहीं रखता। सरकार भले ही लोगों को अपने घर में रहने की अपील कर रही हो, पर ये कहां मानने वाले। इनको तो शहर की सड़कों पर अपनी सवारी निकालनी है, वो भी अपनी कार का हूटर बजाते हुए। जबकि ये न तो पुलिस प्रशासन के किसी वाहन पर सवार थे और न ही किसी एंबुलेस में।

नेताजी को लगा कि कार पर भाजपा का बड़ा सा बोर्ड देखकर पुलिस सहम जाएगी और हूटर बजता देख उनकी आवभगत करने लगेगी। शायद नेताजी ने यह भी सोचा होगा कि पुलिस की मजाल है जो उनको टोके। आखिर वो इस शहर के बड़े नेता हैं, वो भी सत्ता वाली पार्टी के। पर शायद वो भूल गए कि ये सामान्य दिन नहीं हैं, जिनमें वो रौब गालिब करते रहे हैं। यह लॉकडाउन है…इसमें घर से बाहर निकलने तक की परमिशन नहीं है।

सरकार के आदेश का पालन कराने वाली पुलिस के लिए तो सब बराबर हैं। उनको तो वहीं पालन कराना है, जो उनसे कहा गया है। पुलिस ने भी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए नेताजी को वो सबकुछ सुना दिया, जिसे सुनने की आदत अभी तक उनके कानों को नहीं थी। यह उत्तराखंड पुलिस है, इसलिए हाथों से ज्यादा बातों से समझाने में विश्वास करती है।

मामला पटियाला लस्सी वाले के सामने के चौक का है, पुलिस ने अपने अंदाज में बातों से जमकर समझाया, पर नेताजी की बेशर्मी तो देखिये, पुलिस के सामने अपनी हनक को बरकरार रखने की पूरी कोशिश करते रहे। जब पुलिस पर उनका बस नहीं चला तो अपनी लग्जरी कार को उसी दिशा में दौड़ा लिया, जहां से उनका शहर भ्रमण शुरू हुआ था, लेकिन बेशर्म इतने कि जाते-जाते भी हूटर बजा ही दिया।