विधायकों को आलाकमान की दो टूक क्षेत्र में जाकर करो काम

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आलाकमान से मिलने के बाद अपना सा मुंह लेकर लौटे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल!

विधायक चुफाल अपनी ही पार्टी और नेताओं का विरोध करने के बाद पड़ गए अकेले 

कौशिक बोले दूर-दूर तक नहीं कोई नाराजगी 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 
देहरादून : विधायकों की नौकरशाही से नाराजगी को मुख्यमंत्री से नाराजगी के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि नाराज़ विधायकों का नेतृत्व डीडीहाट के विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल कर रहे हैं। वहीं आज सोशल मीडिया में में चुफाल की राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात की भी फ़ोटो वायरल हो रही है। लेकिन  सच तो यह है कि इस पूरे ड्रामे का एक बार फिर पटाक्षेप हो चुका है और विधायक चुफाल अपनी ही पार्टी और नेताओं का विरोध करने के बाद अकेले पड़ गए हैं जबकि विधायक फर्त्याल भी चौकन्ना हुए हैं और उन्हें भी आभास हो चुका है कि उनके कंधे का कौन इस्तेमाल कर रहा है। 
पार्टी के सूत्र बता रहे हैं कि विधायक पूरण सिंह फर्तियाल के कंधों का कौन इस्तेमाल कर रहा है यह पार्टी के आलाकमान को भी पता है इतना ही नही सूत्रों का दावा है कि  एक पूर्व अध्यक्ष मंत्री बनने के लिए जोर लगा रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने एक अखबार के रिपोर्टर को जब  फ़ोन कर अपने साथ 28 विधायकों के होने का जब दावा किया तो बताई गयी जगह पर जब रिपोर्टर पहुंचा तो उसे वहां मैदान खाली मिला। 
वहीं भाजपा सूत्रों का कहना है कि आलाकमान कोरोना संकट में चुफाल द्वारा विधायको को जमाकर अपनी ही सरकार ख़िलाफ़ मोर्चा खोलने से नाराज़ है। चुफाल को आलाकमान से फटकार भी पड़ी है। आलाकमान द्वारा साफ कर दिया गया है कि वह क्षेत्र में जाकर काम करें। सरकार के खिलाफ असन्तोष की फर्जी ख़बरें न फैलाएं।
नाम न छापने की सत्र पर एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि चुफाल 70 पार हो गए हैं। विधानसभा में सक्रियता भी कम है। इसलिए उन्हें लग रहा है कि अगली बार कहीं टिकट न कट जाए। इसलिए मंत्री बनने की चाहत में वह ऐसा कर रहे हैं। चर्चा है कि उनके चेलों को खड़िया और मैग्नीशियम के खनन का काम नहीं मिल पा रहा है उसका दवाब भी उनके ऊपर है।
वहीं विधायकों ने नौकरशाही को लेकर तो मीडिया में अपनी नाराजगी जाहिर की है लेकिन सरकार या मुख्यमंत्री को लेकर किसी विधायक ने इस तरह की बातें नहीं की। वहीं इन अफवाहों का भाजपा संगठन और सरकार ने खंडन किया। राज्य के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि 57 विधायकों की सरकार को कौन अस्थिर कर सकता है। सरकार में कहीं कोई अस्थिरता नहीं है। झूठी और बेवुनियाद बातें हैं। जो भी खबरें हम मीडिया में सुन रहे हैं मुझे नहीं लगता कि उनमें दूर-दूर तक कोई सच्चाई है। सरकार पूरी मजबूती से त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी के नेतृत्व में काम कर रही है और पूरे पांच साल प्रदेश के विकास के लिये कार्य करती रहेगी। भाजपा पूरी तरह अनुशासित पार्टी है और हमारे यहां सभी निर्णय हाईकमान से लिये जाते हैं।
कैबिनेट मंत्री शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक बोले कि विधायकों को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। विधायकों में कोई नाराजगी जैसी स्थिति नहीं है। अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिये विधायक कहते हैं मैं भी कहता हूं, पूरी मजबूती से कहता हूं। इसको नाराजगी से जोड़ लेना गलत है। जितने काम मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में पिछले साढ़े तीन साल में हुए हैं उतने काम पिछले 20 सालों में भी नहीं हुए हैं। सरकार प्रदेश के विकास का संकल्प लेकर कार्य करने में लगी हुई है। त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में एक पारर्दशी सरकार काम कर रही है। मदन कौशिक ने कहा कि यह कुछ मीडिया और सोशल मीडिया के दिमाग की उपज है। कहीं कोई अस्थिरता वाली बात नहीं है।