उड़े होश जब देखा केदारनाथ मार्ग पर अव्यवस्थाओं का आलम 

  • लापरवाह केदारनाथ गौरीकुंड के सेक्टर मजिस्ट्रेट का तबादला 

  • जलसंस्थान के AE और JE  के निलंबन की कर डाली संस्तुति

  • सुलभ इंटरनेशनल पर पांच लाख का जुर्माना ठोका

  • गौरीकुंड के पुलिस चौकी के प्रभारी को भी तत्काल हटाया

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

गुप्तकाशी  : जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल जब केदारनाथ मार्ग पर सामान्य यात्री की तरह साधारण कुर्ता-पजामा पहन और पीठ पर एक बैग उठाते हुए बीती देर रात से लेकर सोमवार दिन तक केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव सोनप्रयाग से गौरीकुंड में यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करने निकले। इस दौरान  उन्हें कोई स्थानीय व्यक्ति ही पहचान पाया और न यात्रा व्यवस्था में लगा कोई कर्मचारी ही पहचान पाया। वे यात्रियों के  बीच यात्री की तरह  घुल मिल गए कि किसी को भी यह भान नहीं हुआ कि उनसे साथ जो व्यक्ति पैदल चल रहा है वह इसी जिले का जिलाधिकारी है। 

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मंगेश घिल्डियाल बीती नौ जून की रात को एक प्राइवेट वाहन से यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने अचानक सोनप्रयाग पहुंचे तो वहां की व्यवस्थाओं को देख उनके होश उड़ गए। सोनप्रयाग से वे शटल सेवा (लोकल वाहन) से गौरीकुंड पहुंचे। जहां देर रात एक बजे घोड़ा पड़ाव पर उन्होंने वहां का चुपचाप जायजा लिया। उन्होंने वहां सुरक्षा में लगे पुलिस व होमगॉर्ड जवानों के अभाव में व्याप्त अव्यवस्था देखने को मिली। उन्होंने पाया गया कि घोड़े-खच्चर संचालकों द्वारा घोड़े-खच्चर रास्ते पर ही खड़े किए गए थे, जबकि उन्हें सड़क के बजाय नियत स्थान पर खड़ा किया जाना चाहिए था।

यात्रा व्यवस्थाओं में लापरवाही की इंतेहा देख उन्होंने गौरीकुंड के सेक्टर मजिस्ट्रेट का तबादला केदारनाथ कर दिया। वह यहीं पर नहीं रुके, तत्काल जलसंस्थान के सहायक अभियंता और अवर अभियंता के निलंबन की संस्तुति कर डाली। गौरीकुंड में सुलभ शौचालय का हाल देख उन्होंने सुलभ इंटरनेशनल पर पांच लाख का जुर्माना ठोका। डीएम पुलिस अधीक्षक को कहा कि गौरीकुंड के चौकी प्रभारी को भी तत्काल हटाया जाए।

वहीं उन्हें घोड़ा पड़ाव पर पुलिस व होमगार्ड का भी कोई जवान नहीं मिला। जबकि यहां सुबह 5 से 9 बजे तक चार जवान पहुंचे, जिन्हें यह पता नहीं था कि उन्हें क्या करना है। पुलिस और प्रशासन के बीच यात्रा शुरू होने से पूर्व जो भी सहमतियां बनी थी, उसके अनुकूल घोड़ा पड़ाव पर एक भी सुविधा नहीं पाई गई।

उन्होंने इस दौरान गौरीकुंड में पुलिस व्यवस्था में भारी खामियां पाई। उनको इस दौरान चौकी प्रभारी निरीक्षण के दौरान चौकी पर नहीं मिला। डीएम ने पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से गौरीकुंड चौकी प्रभारी को हटाते हुए उसके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने पाया कि यात्रा में 24 घंटे गुलजार रहने वाले गौरीकुंड में पुलिस द्वारा सिर्फ 4 घंटे ही ड्यूटी दी जा रही है। डीएम ने पूर्वाह्न 11 बजे गौरीकुंड बाजार का भी निरीक्षण किया, तो घोड़ा पड़ाव, तप्तकुंड और शटल सेवा पर उन्हें एक-एक होमगार्ड तैनात मिला। इसके अलावा उन्हें गौरीकुंड में पुलिस अथवा होमगार्ड का एक भी जवान कहीं नहीं दिखाई दिया ।

जिलाधिकारी को स्थानीय वाहन चालकों व लोगों ने भी पुलिस व्यवस्था पर नाराजगी प्रदर्शित की। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाया कि सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच लंबा जाम लगा हुआ था और शटल सेवा के वाहन भी समय पर नहीं पहुंच रहे हैं। जिलाधिकारी को निरीक्षण के दौरान रात एक बजे से सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे तक गौरीकुंड, बाजार, घोड़ा पड़ाव और शटल सेवा में चौकी प्रभारी नहीं मिला। यात्रा व्यवस्थाओं से खिन्न जिलाधिकारी ने सेक्टर मजिस्ट्रेट को प्रतिदिन की रिपोर्ट उन्हें भेजने के निर्देश दिए हैं।

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