बयान देकर महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्य राज्य मंत्री ने किया पद एवं गोपनीयता की शर्तों का उलंघन !

राजेन्द्र जोशी 

देहरादून : उत्तराखंड में राजनीतिक लाभ लेने और अपने आप ही कोई भी घोषणा करने के मामले में बीते दिनों सरकार ने साफ़ किया था कि मंत्रिमंडल की बैठक में कौन से प्रस्ताव आने वाले हैं को लेकर कोई भी मंत्री बयानबाज़ी नहीं करेगा क्योंकि कैबिनेट में आने वाला हर प्रस्ताव बेहद ही गोपनीय होता है और मंत्रियों को सरकारी कार्यों के प्रति पद व गोपनीयता रखने की शपथ जब वह मंत्री के रूप में लेता है उस वक़्त दिलाई जाती है कि वह किसी भी तरह की गोपनीयता भंग नहीं करेगा लेकिन उत्तराखंड के मंत्री कई बार इस शपथ की अवहेलना करते रहे हैं। 

जानिए क्या होती है राज्य के मंत्री की गोपनीय शपथ का प्रारूप :-

‘मैं, अमुक, ईश्वर की शपथ लेता/लेती हूं, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता/करती हूं कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा/रखूंगी (संविधान का सोलहवां संशोधन अधिनियम, 1963 की धारा 5 द्वारा अंतःस्थापित।) मैं भारत की प्रभुता और अखंडता अक्षुण्ण रखूंगा
मैं ——— राज्य के मंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक और शुद्ध अंतःकरण से निर्वहन करूंगा/करूंगी तथा मैं भय या पक्षपात, अनुराग या द्वेष के बिना, सभी प्रकार के लोगों के प्रति संविधान और विधि के अनुसार न्याय करूंगा/करूंगी।’

गोपनीयता की शपथ का प्रारूप :-

‘मैं, अमुक, ईश्वर की शपथ लेता/लेती हूं, सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता/करती हूं कि जो विषय ——————- राज्य के मंत्री के रूप में मेरे विचार के लिए लाया जाएगा अथवा मुझे ज्ञात होगा उसे किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को, तब के सिवाय जबकि ऐसे मंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों के सम्यक निर्वहन के लिए ऐसा करना अपेक्षित हो, मैं प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से संसूचित या प्रकट नहीं करूंगा/करूंगी।’

गौरतलब हो कि महिला सशक्तिकरण ऱाज्य मंत्री रेखा आर्य ने बीते दिनों एक समाचार पत्र से बातचीत में कहा था कि उत्तराखंड की एसिड अटैक पीड़ित 11 महिलाएं हैं जो कुछ समय पहले उनसे मिली थीं। उन्होंने बताया कि इन महिलाओं का कहना था कि उनका सामाजिक और मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। प्रभावित महिलाओं ने अपनी पीड़ा की जानकारी देते हुए उन्हें बताया कि तेजाब हमले के बाद से सरकारी और निजी किसी भी क्षेत्र में उन्हें नौकरी देने से लोग डर रहे हैं परिणामस्वरूप उनकी आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब हो चुकी है।

ऐसी महिलाओं ने सरकार से निवेदन किया है कि कोई ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं की इस समस्या को देखते हुए इनको पेंशन देने की योजना बनाई जा रही है। राज्य मंत्री ने बताया ऐसी महिलाओं को पेंशन दिए जाने से उन्हें काफी हद तक आर्थिक सहायता मिल पाएगी। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट में इसे मंजूरी के बाद ही यह योजना परवान चढ़ पायेगी। उनके अनुसार वर्तमान में देश के किसी भी प्रदेश में तेजाब पीड़ितों को पेंशन की योजना नहीं है। उन्होंने कहा यदि इस मसौदे को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली तो उत्तराखंड तेजाब पीड़ितों को पेंशन देने वाला देश का पहला राज्य बनेगा।   

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महिला सशक्तिकरण राज्य मंत्री रेखा आर्य ने ऐसा करके राज्य मंत्री के रूप में ली गयी पद एवं गोपनीयता की शपथ का उलंघन किया है, हो सकता है कि उन्होंने अपने  बयान के माधयम से लोकप्रियता बटोरने की कोशिश की हो लेकिन उनका यह बयान सीधेतौर पर  राज्य मंत्री के रूप में ली गयी शपथ का उलंघन है। हालांकि सूत्रों ने बताया है कि सरकार इस मुद्दे पर पहले से ही विचार कर रही है और सरकार की मंशा को कैबिनट की मंजूरी मिलने से पहले ही प्रचारित करना साफतौर पर पद एवं गोपनीयता का उलंघन है।

Advertisements