राजनीति में दुश्मन नहीं दोस्त बनाओ : नड्डा 

जमीन से जुड़ें रहें और वीआईपी संस्कृति छोड़ें जनप्रतिनिधि

विधायकों को सेवाभाव के रूप में करना चाहिए काम 

विधायक अथवा जनप्रतिनिधि बनने पर न पालें कोई अभिमान 

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

देहरादून । 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने वाली भाजपा 2022 के विधान सभा चुनाव में इससे कहीं आगे बढ़कर प्रदर्शन चाहती है। इस कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार देर रात हुई पार्टी की प्रांतीय कोर कमेटी की बैठक में आगामी विस चुनाव की तैयारियों में अभी से जुटने पर जोर दिया। इस मौके पर उन्होंने अब तक पार्टी को मिली सफलता और पंचायत चुनाव में मिली सफलता को लेकर जहां प्रांतीय नेतृत्व की पीठ थपथपाई वहीं सरकार की भी जमकर तारीफ की गई। कोर कमेटी की इस बैठक में पार्टी के सांगठनिक चुनाव, एनआरसी, संविधान वर्ष, अनुच्छेद 370 के मसलों पर भी बारीकी से मंथन किया गया।

पार्टी के तमाम कार्यक्रमों के बाद शुक्रवार देर शाम बीजापुर गेस्ट हाउस में हुई कोर कमेटी की बैठक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की समीक्षा की गई। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नड्डा ने जिला व क्षेत्र पंचायतों में पार्टी को मिली सफलता के लिए प्रांतीय नेतृत्व की पीठ तो थपथपाई वहीं साथ ही कहा कि इससे संतुष्ट  या इतराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने 2017 के विधान सभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जिन विधान सभा सीटों पर हमें विजय हासिल नहीं हो सकी, वहां और जी जान से कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा इसके लिए अभी से जुटते हुए हमें अपनी कमजोर कड़ियों पर गंभीरता से विचार कर उनको मजबूत करना होगा ताकि आगामी चुनावों में हमें यहाँ से भी सफलता मिले।

इससे पूर्व श्री नड्डा ने बैठक के दौरान विधायकों को स्पष्ट हिदायत दी कि वह खुद को नेता न समझें, बल्कि कार्यकर्ता के रूप में जनता की सेवा करें। भाजपा प्रदेश कार्यालय की बैठक में उन्होंने जनप्रतिनिधियों से वीआईपी संस्कृति छोड़ने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीति में बड़ा बदलाव ला चुके हैं। विधायकों को सेवाभाव के रूप में काम करना चाहिए। विधायक अथवा जनप्रतिनिधि बनने पर कोई अभिमान न पालें।

श्री नड्डा ने विधायकों और जनप्रतिनिधियों से कहा वे जनता से मिलने के लिए समय निर्धारित करें और जनता की चिंता करें। नड्डा ने विधायकों से संगठन के साथ तालमेल बनाने की भी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में दुश्मन मत बनाओ, दोस्त बनाओ। देश में भाजपा एक मात्र ऐसी पार्टी है, जहां दूसरे दलों के नेता शामिल हो रहे हैं। भाजपा में आने वाले ज्यादा और जाने वालों की तादाद बहुत कम हैं। यह ‘हम’ के प्रयास से संभव हो पा रहा है।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने प्रदेश में चल रहे सांगठनिक चुनावों की अब तक की तस्वीर की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि तय कार्यक्रम व समयावधि के भीतर चुनाव संपन्न करा लिए जाएं। बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू के अलावा कोर कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद थे। कोर कमेटी के सदस्य सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज बैठक में उपस्थित नहीं थे।

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