जन अधिकार मंच ने की सरकार का ध्यान खींचने की एक और कोशिश

प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाना चाहिए ताकि वे अपने रोजगार की व्यवस्था कर सकें

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चारधाम परियोजना में मनमानी के विरुद्ध आवाज

उच्च अधिकार प्राप्त समिति से भी राजमार्ग प्राधिकरण की ज्यादतियों को रोकने की गुहार

रमेश पहाड़ी 

जनपद रुद्रप्रयाग में चारधाम परियोजना में मनमानी के विरुद्ध आवाज उठाने के सिलसिले को जारी रखते हुए जन अधिकार मंच, रुद्रप्रयाग के एक प्रतिनिधि-मंडल ने एक बार फिर सरकार के दरबार में हाजिरी लगाकर माँग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जिला रुद्रप्रयाग में जो मनमानी की जा रही है, उसे ठीक किया जाए और जनता को न्याय दिलाया जाय। प्रतिनिधि-मंडल ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित चारधाम परियोजना की जाँच समिति को भी ज्ञापन देकर इसमें न्यायपूर्ण हस्तक्षेप की माँग की है।

तीन दिसम्बर 2019 को विधायक मनोज रावत जी के सहयोग से प्रतिनिधि-मंडल, जिसमें जन अधिकार मंच के अध्यक्ष मोहित डिमरी, कोषाध्यक्ष बुद्धि बल्लभ ममगाईं, सदस्य के पी ढोंढियाल व तुङ्गेश्वर दत्त बहुगुणा और संरक्षक रमेश पहाड़ी शामिल थे, ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से भेंट कर उन्हें एक ज्ञापन देकर माँग की कि सरकारी भूमि पर काबिज मकान मालिकों को ढाँचे को ध्वस्त करने की स्थिति में उसके लिए स्वीकृत मुआवजा सभी प्रभावितों को दिया जाय।

माँग-पत्र में कहा गया है कि मंच की माँग पर सरकार ने मुआवजा देना तो स्वीकार किया है लेकिन उसमें एक शर्त डाल दी है कि प्रभावित के पास अन्यत्र कोई अचल संपत्ति, मकान या दुकान नहीं होनी चाहिए। मुख्य सचिव को पहाड़ी क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराते हुए प्रतिनिधि-मंडल ने बताया कि गाँवों में लगभग सभी पहाड़ियों के खेत-मकान हैं और वे रोजगार के लिए सड़कों, यात्रा-मार्गों पर आकर सरकारी भूमि पर मकान-दुकान बनाकर पीढ़ियों से अपने कारोबार कर, आजीविका चला रहे हैं। उन्हें बिना मुआवजा या विकल्प दिए उजड़ने से बचाया जाना चाहिए।

प्रतिनिधि-मंडल ने मुख्यमंत्री तथा लो नि वि के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश और राजस्व सचिव सुशील कुमार से भी भेंट की और उन्हें भी ज्ञापन सौंप कर मुआवजा देने, मकानों का मूल्यांकन सही ढंग से करने तथा तिलवाड़ा और खांकरा बाजारों को उजाड़ने के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रयासों को रोकने और लोगों के साथ न्याय करने की माँग की।

प्रतिनिधि-मंडल ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चारधाम परियोजना में व्याप्त शिकायतों की जाँच के लिए गठित उच्च अधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष डॉ रवि चोपड़ा जी से भी भेंट की और उनको ज्ञापन देकर लोगों के साथ हो रही ज्यादतियों को रोकने तथा न्याय दिलाने की माँग की। अध्यक्ष जी ने बताया कि उन्होंने जितनी भूमि काट दी गई है, उस पर सड़क निर्माण पूरा न होने तक अन्यत्र भूमि काटने पर रोक लगाने को कहा है तथा लोगों की जायज माँगों पर उन्हें अवश्य विचार करना चाहिए।

जन अधिकार मंच के अध्यक्ष मोहित डिमरी ने कहा है कि मंच सड़क के चौड़ीकरण का विरोध नहीं कर रहा है लेकिन पहले प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाना चाहिए ताकि वे अपने रोजगार की व्यवस्था कर सकें। उन्होंने घोषणा की है कि जब तक सरकार सभी प्रभावितों को मुआवजा नहीं दे देती, तब तक मकानों को तोड़ने का विरोध जारी रखा जाएगा। जन अधिकार मंच ने प्रभावित व्यापारियों के कारोबार की पुनर्स्थापना के लिए बाजारों के समीप मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की भी माँग की है।