शाही शादी में हुआ पहाड़ की महिलाओं का अपमान ! ….विडियो देखिए …

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मातृशक्ति का अपमान राज्य के लिए दुर्भाग्य नहीं तो और क्या ?

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

जोशीमठ। देवभूमि उत्तराखण्ड के इतिहास की स्वर्णिम गाथाओं में यहां की मातृशक्ति का एक अविस्मरणीय योगदान रहा है। फिर चाहे बात वीरांगना तीलू रौतेली की हो या फिर चिपको आंदोलन की मशाल उठाने वाली गौरा देवी की, पहाड़ी की मातृशक्ति ने अलग अलग समय पर अपने साहस और पराक्रम का परिचय दिया है। उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में भी यहां की मातृशक्ति ने पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका था जिसका परिणाम यह निकला उन्हें एक अलग राज्य मिल सका। आज 18 साल बाद कोई बाहरी व्यक्ति उत्तराखण्ड में आकर यहां की मातृशक्ति का अपमान कर दें तो इससे ज्यादा शर्मनाक बात और क्या हो सकती है?

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो इस बात की बानगी साफ देखने को मिल रही है जिसमे पहाड़ की महिलाएं अपना दर्द बयां कर रही है। बता दें कि उत्तराखण्ड के सबसे मशहूर पर्यटक स्थल औली में सहारनपुर के गुप्ता बंधुओं की संतानों की शाही शादी हाल ही में संपन्न हुई। यह शादी इतनी हाईप्रोफाइल थी कि इसमें उत्तराखण्ड सरकार के साथ राज्य के कई गणमान्य व्यक्ति, बॉलीवुड से कई फिल्मी हस्तियां शामिल हुई थी।

सोशल मीडिया में वायरल हुई वीडियों में महिलाएं यह कह रही है कि पहले शादी के आयोजकों ने उन्हें आने का न्यौता दिया था लेकिन जब वह वहां पंहुचे तो उन्हें पानी तक के लिए नहीं पूछा गया। उनका यहां तक आरोप था कि पहले तो उन्हें शाही शादी में बुलाया लेकिन जब वह वहां पंहुचे तो उन्हें न तो खाने के लिए पूछा और न उनका सम्मान किया गया। एक महिला तो यहां तक कह गई शादी तो 200 करोड़ क्या खर्च कर रहे और पानी इनसे पिलाया नहीं जा रहा। यह वीडियो सोशल मीडिया में जंगल में लगी आग की तरह फैल रहा है लोग सवाल पूछ रहे है कि जिस शाही शादी में सरकार पूरी तरह से लीन नजर आ रही थी क्या उसे उत्तराखण्ड की मातृशक्ति के साथ हो रहा यह अपमान नहीं दिखा?

उल्लेखनीय है कि औली में हाल ही संपन्न हुई 200 करोड़ रुपए की शाही शादी अलग अलग कारणों से विवादों में बनी रही। नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर इस शाही शादी से जुड़ा मामला न्यायालय में कुछ समय पूर्व आता तो शादी के आयोजकों को उत्तराखण्ड में घुसने ही नहीं दिया जाता। इस शादी को लेकर सरकार से जुड़े लोगों की बयानबाजी भी आश्चर्यचकित करने वाली रही। नैनीताल से भाजपा सांसद अजय भट्ट का तर्क यहा था कि मीडिया में इस शादी को लेकर बहुत छपा जिससे वह व मुख्यमंत्री इस शादी में जाएं या न जाएं इसे लेकर हल्का से डर था और ऐसा लग रहा था कि कहीं गुप्ता बंधु औली में विवाह के लिए प्रकृति से छेड़छाड़ तो नहीं कर रहे लेकिन जैसे ही बाबा रामदेव, स्वामी चिदानंद, बालकृष्ण औली पंहुचे तो सारा संशय खत्म हो गयाा।

हैरान करने वाली बात यह देखने को मिली की इन तीन गणमान्य व्यक्तियों की शादी में उपस्थिति से ही मात्र सरकार ने यह मान लिया कि गुप्ता बंधुओं ने प्रकृति के साथ छेड़छाड़ नहीं की है ? कल अगर यह गणमान्य व्यक्ति यह कह दें कि एनएच-74 में कोई घोटाला ही नहीं हुआ तो शायद सरकार इस बात को भी मान लेगी ?

शाही शादी संपन्न हो चुकी है और हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें महिलाएं अपना दर्द बयां करते हुए शादी में हुए अपनी अपमान की गाथा सुना रही है। सरकार को ख्वाइश है खर्चीले पर्यटकों की और यहीं पर्यटक जब उत्तराखण्ड की मातृशक्ति का अपमान करेंगे तो राज्य के लिए यह दुर्भाग्य नहीं तो और क्या होगा?