• अधिवक्‍ता के घर में घुसकर मारपीट करने का मामला 

  • न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी का मामले में सख्त रुख

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

नैनीताल : हाई कोर्ट ने पौड़ी निवासी अधिवक्ता राकेश कुंवर के घर में घुसकर पुलिस द्वारा मारपीट करने के मामले में सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी कोतवाल नरेंद्र बिष्ट, एसआई संध्या नेगी, एसआई दीक्षा सैनी और शिकायतकर्ता मनमोहन रौतेला समेत अन्य के खिलाफ 48 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पिछली तारीख पर कोर्ट ने एसएसपी पौड़ी गढ़वाल से मारपीट के मामले पर स्टेट्स रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा था। वहीं न्यायालय ने अधिवक्ता व उसके परिवार के विरुद्ध  शिकायतकर्ता मनमोहन रौतेला द्वारा दर्ज मुकदमे पर भी रोक लगा दी थी।

गौरतलब हो कि श्रीनगर  पौड़ी निवासी अधिवक्ता राकेश कुंवर ने  हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि नौ जुलाई की रात आठ बजे के आसपास सात आठ पुलिस वाले सहित शिकायतकर्ता मनमोहन रौतेला और  अन्य लोगों ने घर में  घुसकर उनकी मां और बहन के साथ मारपीट की साथ ही घर में रखे 10 से ₹12000 भी लूट कर ले गए।

याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि आरोपितों द्वारा उनके घर में आग लगाने की कोशिश की गई और उनकी मां और बहन के कपड़े भी फाड़ दिए और उनको जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस उनको व उनके परिवार को  कोतवाली उठा के ले गई वहीं घटना का विरोध करने पर कोतवाल नरेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा उनकी 79 साल की मां के पेट में लात घूंसे मारे जिसमें वो घायल हो गयी और गाली गलौज की। पुलिस द्वारा उनके भाई को भी बहुत बुरी तरह मारा पीटा गया जो गंभीर अवस्था में अभी दिल्ली एम्स में भर्ती है।  वहीं पौड़ी के कोतवाल नरेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी दी है और कहा है कि अगर वह पौड़ी गढ़वाल में दिखा तो उसे वह गोली मार देंगे। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि पुलिस उनका उत्पीड़न कर रही है ।

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