झाड़ियों के पीछे मिला बच्ची का क्षत-विक्षत शव

आरोपी पुलिस को करता रहा था गुमराह  

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

कोटद्वार । कोटद्वार में दो दरिंदों ने दुष्कर्म के बाद दस साल की मासूम बच्ची की हत्या कर दी। आरोपितों की निशानदेही पर बुधवार शाम पुलिस ने रेलवे स्टेशन परिसर में पुराने मालगोदाम के पीछे झाड़ियों से बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, भारी तादाद में कोतवाली पहुंची महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया और गिरफ्तार आरोपितों को फांसी देने की मांग की। 

दरअसल, सोमवार सुबह क्षेत्र की एक बस्ती निवासी व्यक्ति ने अपनी दस वर्षीय पुत्री की गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि सोमवार शाम उनकी बेटी घर के समीप दुकान में सामान खरीदने गई थी। सामान घर में देने के बाद वह अपने दोस्तों के साथ पड़ोस में खेलने की बात कहकर चली गई, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। पुलिस ने बच्ची की गुमशुदगी दर्ज कर बच्ची की खोजबीन शुरू कर दी। बुधवार सुबह पुलिस ने संदेह के आधार पर क्षेत्र के ही पदम थापा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। 

शुरुआत में पदम ने जानकारी न होने की बात कही, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने के बाद उसने बच्ची की हत्या करने की बात स्वीकारी। पुलिस ने पदम की निशानदेही पर रेलवे स्टेशन परिसर में पुराने मालगोदाम के पीछे झाड़ियों से बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद कर दिया। 

अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय ने बताया कि पुलिस पूछताछ के दौरान पदम थापा ने बताया कि उसने अपने  साथी अशोक सिंह के साथ मिलकर बच्ची से दुष्कर्म किया और उसके बाद शव को मालगोदाम के पीछे झाड़ियों में फेंक दिया। उसका कहना था कि वह बच्ची को समोसा दिलाने के बहाने सोमवार देर शाम अपने साथ पुराने मालगोदाम शेड की ओर लाया और रात करीब आठ बजे यहीं पर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। वहीं, एएसपी राय ने बताया कि कुत्तों ने झाड़ियों में पड़े शव को खा लिया था, जिसके कारण मौके से बच्ची का कंकाल और सेंडिल बरामद हुई। 

बच्ची की मौत के मामले में गिरफ्तार पदम थापा और अशोक का बच्ची के घर में आना-जाना था। परिजनों ने बताया कि बच्ची पदम को भाई और अशोक को चाचा कह कर बुलाती थी। गुमशुदगी के बाद मंगलवार रात भी पदम बच्ची के घर गया था और परिजनों से उसके बारे में पूछा।

मामले में आरोपित पदम थापा घटना वाले दिन से ही लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा था। कोतवाली प्रभारी मनोज रतूड़ी ने बताया कि सोमवार रात जब परिजन गुमशुदगी लिखवाने कोतवाली आए, तो पदम भी उनके साथ था। बताया कि पदम लगातार कोतवाली में आकर बच्ची को ढूंढने की मांग भी कर रहा था। हालांकि क्षेत्र में सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पता चला कि सोमवार शाम बच्ची पदम के साथ जा रही थी। बताया कि इसके बाद पदम को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई तो पूरा मामला खुल गया। 

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