एनआईटी श्रीनगर गढ़वाल मामले में हाईकोर्ट ने सरकारों से मांगा जवाब

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  • केंद्र व राज्य सहित अन्य पक्षों से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा

देवभूमि मीडिया ब्यूरो 

नैनीताल : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एनआईटी श्रीनगर को लेकर चल रहे विवाद के बाद समाजसेवी  मोहन काला द्वारा दायर जनहित याचिका पर केंद्र व राज्य सरकार सहित अन्य पक्षों से दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की संयुक्त खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। 

श्रीनगर गढ़वाल के सुमाड़ी गांव निवासी समाजसेवी मोहन काला ने इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए कहा कि एनआईटी श्रीनगर के लिए सुमाड़ी व आसपास के गांवों की लगभग 300 एकड़ जमीन ग्रामीणों द्वारा स्वेच्छा से दान देने के बाद अधिग्रहित की गई थी। वहीं अधिग्रहण के बाद एनआईटी के लिए इस भूमि को तकनीकी शिक्षा विभाग को हस्तांतरित भी किया गया।

उन्होंने याचिका में कहा है कि तमाम औपचारिकतायें पूर्ण होने के बाद वर्ष 2012 में हुई इस कवायद के बीच हालांकि एक समिति ने इस भूमि को एनआईटी के लिए अनुपयुक्त बता दिया था, लेकिन तब से यह मामला अधर में लटका है और एनआईटी के लिए भवन निर्माण नहीं हो पा रहा है।

याचिका में इसको लेकर सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है। इधर सोमवार को हुई सुनवाई में अदालत ने संबंधित ग्रामीणों को पक्षकार बनाया है। वहीं केंद्र व प्रदेश सरकार और एनआईटी प्रशासन को दो सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह के बाद होगी।